कृष्ण की नगरी: जहां जीवंत हो उठती हैं आज भी पौराणिक कथाएं

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कृष्ण जन्माष्टमी पर विशेष:

मथुरा के पास बसा गोवर्धन हिन्दुओं के लिए मशहूर पर्यटन स्थलों में से एक है। इस जगह के साथ भगवान कृष्ण की कई कहानियां जुड़ी हैं जिसमें से एक कहती है कि स्वर्ग से पहाड़ की चोटी धरती पर आई ताकि वह भगवान कृष्ण की लीला का अंश बन सके।

दूसरी कथा के अनुसार एक बार जब मूसलाधार बारिश शुरू हो गयी तो भगवान ने ब्रिज वासियों की रक्षा पहाड़ उठा कर की और उसे सात दिनों तक लगातार पकड़े रखा। जैसा कि ऊपर कहा गया है कि गोवर्धन हिन्दुओं के लिए एक मशहूर तीर्थस्थल है और ऐसा माना जाता है कि जो गोवर्धन परिक्रमा करते हैं उनकी सारी इच्छाएं पूरी होती हैं। यहाँ पर भगवान की एक विशाल मूर्ती है जो रहस्यमय वातावरण पैदा करती है।

गोवर्धन और उसके आस-पास के पर्यटन स्थल यहां का मुख्य आकर्षण हर देवजी मंदिर है जो भगवान कृष्ण को समर्पित है। इस मंदिर में राधा और कृष्ण की सुन्दर मूर्तियां रखी हैं जो उनके जीवन से जुड़ी दंतकथाओं को सजीव करती हैं। आप राधा कुंड या उस झील पर भी जा सकते हैं जहां राधा और कृष्ण गोपियों से मिला करते थे। वहां पर कुसुम सरोवर भी है, एक ऐसा पवित्र टैंक जहाँ पर गोपियाँ भगवान कृष्ण की प्रतीक्षा किया करती थीं।

भगवान से जुड़ा एक और स्थल है मानसी गंगा टैंक। गोवर्धन जाने का सबसे उचित समय गोवर्धन जाने का सबसे उचित समय नवम्बर से मार्च के बीच है। इस दौरान मौसम सुहाना रहता है। हालांकि, तीर्थस्थान होने के कारण गोवर्धन पूरे साल श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। गोवर्धन कैसे पहुंचे गोवर्धन रोड और रेल द्वारा अच्छी तरह से जुड़ा है।

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