संयम बरतें और अफवाहों से दूर रहें, जल्द सुधार की उम्मीद!
लखनऊ : यूपी में LPG संकट गहराता जा रहा है! बता दें कि पश्चिम एशिया (मुख्यतः ईरान से जुड़े तनाव) के कारण आयात प्रभावित होने से कमर्शियल गैस सिलेंडर की भारी किल्लत मची हुई है। लखनऊ में एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं, कई लोग 3-3 सिलेंडर लेकर पहुंच रहे हैं। होटल-रेस्टोरेंट-कैटरिंग वाले कारोबार ठप होने की कगार पर हैं सूत्रों के अनुसार कुछ शहरों में 20-30% रेस्टोरेंट पहले ही बंद हो चुके हैं।
सरकार का पक्ष और स्पष्टीकरण:
MyGov Hindi ने 7 मार्च को ट्वीट कर साफ कहा—पेट्रोल, डीजल, CNG, PNG और LPG की कमी की खबरें सिर्फ अफवाह हैं। देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार है, सप्लाई सामान्य है। अफवाहों से बचें, सिर्फ आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें।
सरकार ने Essential Commodities Act लागू कर जमाखोरी रोकने के कदम उठाए हैं। रिफाइनरियों को घरेलू LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया गया है, और कमर्शियल सप्लाई को प्राथमिकता घरेलू उपभोक्ताओं को देने के लिए कुछ प्रतिबंध लगाए गए हैं (हालांकि मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि कमर्शियल पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं है, बस प्राथमिकता घरेलू को)। बुकिंग गैप को 21 से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है ताकि पैनिक बुकिंग और जमाखोरी रुके।

लखनऊ में क्या है स्थिति:
व्यापारियों ने DM विशाख जी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने कहा कि फूड सेक्टर में हड़कंप है, कारोबार ठप होने की आशंका। अपर DM ज्योति गौतम ने आश्वासन दिया कि IOC, HPCL, BPCL से बात कर शीघ्र समाधान निकाला जाएगा। फूड सेक्टर को प्राथमिकता देने की कोशिश है, लेकिन वैश्विक कारणों से संयम बरतना होगा।
जनता की आवाज सोशल मीडिया पर तेज (X से):
तबरेज: “आम आदमी का बजट पहले से खराब था, अब ये संकट और भी डरावना है। पश्चिम एशिया का तनाव हमारे किचन तक पहुंच गया!”
विनोद शुक्ल: प्रयागराज के बघोलवा में हेमा HP गैस एजेंसी में 200 रुपये अधिक लेकर 1160 में ब्लैक में बेच रही है जिससे उपभोक्ता नाराज।
वीडियो देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें – https://x.com/i/status/2030195787737837613
क्या है इंट्रेस्टिंग फैक्ट:
भारत LPG का करीब दो-तिहाई आयात करता है, जिसमें 85-90% मिडिल ईस्ट से आता है। Strait of Hormuz जैसे रूट प्रभावित होने से सप्लाई चेन बाधित है। सरकार अब US जैसे वैकल्पिक स्रोतों से डील बढ़ा रही है, लेकिन तत्काल राहत अप्रैल तक मिलने की उम्मीद। इस बीच, कई शहरों में ब्लैक मार्केटिंग की शिकायतें बढ़ी हैं जिससे कीमतें ₹1840 से ₹3000 तक पहुंच गईं!
आपको बता दें कि कुल मिलाकर घबराहट की कोई जरूरत नहीं, लेकिन संयम बरतें और अफवाहों से दूर रहें। स्थिति पर नजर रखी जा रही है, जल्द सुधार की उम्मीद!







