आरक्षण बचाओ महासम्मेलन में आरक्षण समर्थकों का मोदी सरकार के खिलाफ फूटा गुस्सा

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  • आरक्षण समर्थकों ने अनिवार्य सेवानिवृत्ति के शासनादेश का किया विरोध, क्रियान्वयन पर तत्काल रोक लगाने की उठी मांग।
  • लोकसभा में लम्बित पदोन्नति में आरक्षण संवैधानिक बिल इसी मानसून सत्र में पास कराने की उठी मांग।
  • अम्बेडकर नगर में दलित शिक्षकों के वेतन कम किये जाने को बताया असंवैधानिक कहा अविलम्ब यह आदेश हो वापस।
  • आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति,उ0प्र0 द्वारा अम्बेडकर नगर में आयोजित महासम्मेलन दिनांक 9 जुलाई में पारित महत्वपूर्ण प्रस्ताव।

आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति,उप्र के तत्वाधान में आज जनपद अम्बेडकर नगर, बाबा साहब की प्रतिमा के समक्ष इस विशाल आरक्षण बचाओ महासम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में आरक्षण समर्थकों का जमावड़ा लग गया। प्रदेश के अनेकों जनपदों से हजारों की संख्या में कार्मिक सुबह से ही इकट्ठा हो गये। सभी आरक्षण समर्थकों की एक ही मांग थी कि पदोन्नति में आरक्षण संवैधानिक संशोधन 117वां बिल अविलम्ब केन्द्र की मोदी सरकार पास कराये व दलित कार्मिकों का उत्पीड़न बन्द करे।

  • आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति,उप्र के संयोजक अवधेश कुमार वर्मा द्वारा महासम्मेलन में उपस्थित हजारों आरक्षण समर्थकों के बीच निम्न 8 प्रस्ताव रखे गये, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया।
    लोकसभा में लम्बित पदोन्नति में आरक्षण संवैधानिक संशोधन 117वां बिल अविलम्ब पारित किया जाय।
  • पदोन्नति में आरक्षण एवं परिणामी ज्येष्ठता को संविधान की 9वीं अनुसूची में डाला जाये।
  • पिछड़े वर्ग के कार्मिकों के लिये भी पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था बहाल की जाये।
  • बेसिक व माध्यमिक शिक्षा में लगभग 2 लाख से ज्यादा दलित शिक्षकों जिनकी पदोन्नति आरक्षण अधिनियम 1994 की धारा-3(2) के तहत की गयी है, को गलत तरीके से रिवर्ट करने की गुपचुप कार्यवाही पर अविलम्ब विराम लगाया जाये और जिन्हें रिवर्ट किया गया है वह आदेश वापस लिया जाये।
  • जनपद अम्बेडकर नगर में लगभग 401 दलित शिक्षकों के वेतन कम किये जाने के आदेश तथा जनपद प्रतापगढ़, कौशाम्बी, गोण्डा सहित अन्य जनपदों में वेतन फ्रीज के आदेश को अविलम्ब वापस लिया जाये। साथ ही जनपद फैजाबाद, अम्बेडकर नगर, 12 माध्यमिक के प्रधानाचार्यों सहित अन्य जनपदों में किये गये रिवर्शन को अविलम्ब वापस किया जाये।
  • सपा सरकार के कार्यकाल में मा0 सुप्रीम कोर्ट आदेश की आड़ में गलत तरीके से पदावनत किये गये सभी कार्मिकों को उनके पूर्व पद पर पुनस्र्थापित कराया जाये।
  • सपा सरकार के कार्यकाल में 5 वर्षो तक हाशिये पर रखे गये दलित व पिछड़े वर्ग के ऐसे सभी कार्मिकों को वर्तमान भाजपा सरकार सभी सरकारी विभागों में उचित सम्मान मिले।
  • 50 साल पूर्ण कर चुके सरकारी कार्मिकों के अनिवार्य सेवानिवृत्ति सम्बन्धी शासनादेश का क्रियान्वयन रोका जाये।महासम्मेलन को सम्बोधित करते हुए आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति,उ0प्र0 के संयोजकों अवधेश कुमार वर्मा, केबी राम, डा. रामशब्द जैसवारा, आर.पी. केन, अनिल कुमार, अजय कुमार, श्याम लाल, अन्जनी कुमार, रीना रजक, दिग्विजय सिंह, बनी सिंह, बीना दयाल, अशोक सोनकर, प्रेम चन्द्र, प्रतोष कुमार, श्री निवास, राजेश पासवान, सुनील कनौजिया, डा. राजकरन, सत्येन्द्र आर्य, सन्तोष कुमार, इं. कृपा शंकर, इं. रमेश, डा. रमेश सरल, इन्द्रजीत, अरविन्द, इन्द्र कुमार, आशीष कुमार, पी.सी. सेन ने अपने सम्बोधन में कहा कि पिछले 3 वर्ष से अधिक समय व्यतीत हो जाने के बाद भी केन्द्र की मोदी सरकार ने जानबूझकर पदोन्नति बिल नहीं पास कराया जिससे पूरे देश में दलित कार्मिकों का उत्पीड़न हो रहा है। सही मायने में केन्द्र की मोदी सरकार यदि दलित कार्मिकों की सच्ची हितैषी है तो वर्तमान मानसून सत्र में पदोन्नति में आरक्षण बिल को पास कराये। पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर दलित कार्मिकों का उत्पीड़न चरम पर है, सपा सरकार के रास्ते पर चलकर वर्तमान योगी सरकार भी दलित कार्मिकों का हर विभाग में उत्पीड़न कर रही है। प्रदेश के 2 लाख दलित शिक्षकों को लगातार उत्पीड़न कराने के लिये कहीं उनका वेतन कम कराया जाता है तो कहीं उन्हें रिवर्ट कर उनका वेतन फ्रीज कराया जाता है। अब प्रदेश का आरक्षण समर्थक इसे बर्दाश्त करने वाला नहीं है। अब समय आ गया है कि प्रदेश का आरक्षण समर्थक दलित विरोधी हर कार्यवाही का एकजुट होकर मुंहतोड़ जवाब देगा।
    महासम्मेलन की अध्यक्षता डा. अखिलेन्द्र प्रताप सिंह, सहायक प्रोफेसर, रमाबाई राजकीय महाविद्यालय ने किया।

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