स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओ से आरसीडीसी फीस रुपया 600 की होती रही पिछले एक महीने से वसूली जबकि आयोग ने उसे 11 नवम्बर 2020 से कम कर आरसीडीसी फीस रुपया 100 वसूल करने का दिया है आदेश
पावर कार्पोरेशन के सुपर आईटी विंग का बड़ा कारनामा नियामक आयोग आदेश की उड़ाई धजिया और स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओ की जेब पर डाला डाका लेकिन उपभोक्ता परिषद ने इस मामले आप अपने साक्ष्य प्रस्तुत किए तब पावर कार्पोरेशन ने अपनी गलती मानी।
गौरतलब है कि विद्युत नियामक आयोग द्वारा 11 नवम्बर 2020 को प्रदेश के लिए नयी बिजली दर का आदेश जारी किया जिसमें कोई भी बदलाव न करते हुए केवल स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओ से वसूली जा रही रीकनेक्शन डिस्कनेक्शन आरसीडीसी फीस रुपया 600 को कम करते हुए तत्काल प्रभाव से 5 किलोवाट तक के उपभोक्ताओ के लिए आरसीडीसी फीस रुपया 100 और 5 किलोवाट के ऊपर स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओ के लिए आरसीडीसी फीस रुपया 200 कर दिया था, जो वर्तमान में 11 नवम्बर से लागू है लेकिन पावर कार्पोरेशन की आईटी विंग ने अपने बिलिंग सॉफ्टवेयर में रुपया 600 ही लगा रखा है, जिससे आज तक जिन भी स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओ के संयोजन बकाए पर कटा और भुगतान करने पर उससे पुरानी दर रुपया 600 की वसूली आरसीडीसी मद में चालू है जब आज कई उपभोक्ताओ ने उपभोक्ता परिषद के संज्ञान में मामले को लाया तो तुरंत उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने पावर कार्पोरेशन के अधीक्षण अभियंता आईटी और निदेशक वाणिजय पावर कार्पोरेशन श्री ए के श्रीवास्तव से बात की उनके द्वारा कहा गया कि सॉफ्टवेयर में बदलाव करा दिया गया ऐसा नहीं हो सकता।
इस मामले में उपभोक्ता परिषद ने उपभोक्ताओ से पुरानी दर पर वसूल की जा रही रुपया 600 आरसीडीसी फीस जमा बिल की एक कॉपी जो 21 दिस्मबर 2020 को उपभोक्ता से जमा कराई गयी लेकर निदेशक वाणिजय पावर कार्पोरेशन के पास शक्तिभवन पहुंचे। उनको दिखाया फिर क्या था सबके होश उड़ गये ?
अन्तंता अधीक्षण अभियंता आईटी ने अपनी गलती मानी और कहा आज सिस्टम में बदलाव करा दिया जायेगा कुछ कमिया रह गयी थी । उपभोक्ता परिषद ने निदेशक वाणिजय से यह मांग रखी जिन उपभोक्ताओ से अधिक वसूली आरसीडीसी की गयी है उनकी अधिक वसूली की धनराशि को उपभोक्ताओ को वापस उनके बिल में कराया जाय जिस पर निदेशक वाणिजय पावर कार्पोरेशन ने विभाग की गलती मानते हुए अधिक वसूल की गयी आरसीडीसी फीस उपभोक्ताओ के बिल में समायोजित कराने का भरोस दिया।
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि पावर कार्पोरेशन प्रबंधन जिस स्मार्ट मीटर की वकालत करने में पुल बांध देता है उससे उपभोक्ताओ की कोई चिंता नहीं ! उन्होंने कहा कि जब कभी उपभोक्ताओ को कोई भी लाभ देने का अवसर आता है तो यही हाल होता है, उन्होंने कहा कि कब तक उपभोक्ताओ के जेब पर डाका डाला जाता रहेगा और उपभोक्ता परिषद पावर कार्पोरेशन की पोल खोलता रहेगा जो विभाग उपभोक्ताओ की बदौलत चलता है उनको धोखा देना कहा का न्याय है।







