रमाबाई आंबेडकर मैदान में उमड़ी भीड़, सपा-कांग्रेस पर साधा निशाना
लखनऊ, 09 अक्टूबर 2025: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने आज बसपा संस्थापक कांशीराम की 19वीं पुण्यतिथि पर लखनऊ के कांशीराम स्मारक स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद रमाबाई आंबेडकर मैदान में आयोजित महारैली में उन्होंने कार्यकर्ताओं को 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। मायावती ने कहा कि बसपा यूपी में पांचवीं बार सरकार बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी और “मैं पूरी ताकत लगा दूंगी, कोई कमी नहीं छोड़ूंगी।”

हजारों कार्यकर्ताओं की भीड़ ने रैली में नीले झंडों के साथ उत्साह दिखाया। मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया और कहा कि वे संगठन के कार्यों में सक्रिय रहेंगे। उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) पर तंज कसते हुए कहा कि सपा सत्ता में रहते हुए कांशीराम नगर का नाम बदल देती है, लेकिन विपक्ष में आकर PDA और कांशीराम का नाम लेती है। कांग्रेस पर भी गठबंधन में विश्वासघात का आरोप लगाया। मायावती ने बीजेपी सरकार की कुछ नीतियों की सराहना की, लेकिन कार्यकर्ताओं से संविधान की रक्षा और जातिवादी ताकतों के खिलाफ एकजुट रहने की अपील की।

रैली में करीब पांच लाख लोगों के शामिल होने का दावा किया गया। यह 2021 के बाद बसपा का पहला बड़ा आयोजन था, जिसके लिए 2,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए। यह रैली पंचायत चुनावों और 2027 विधानसभा चुनावों से पहले बसपा की संगठनात्मक ताकत का प्रदर्शन मानी जा रही है।
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कार्यकर्ताओं में जोश तो जगाया, लेकिन वोट शेयर बढ़ाने की चुनौती बरकरार
मायावती की रैली बसपा के जनाधार को मजबूत करने और 2027 के विधानसभा चुनावों में अकेले दम पर लड़ने का संकेत देती है। आकाश आनंद की नियुक्ति से पार्टी में उत्तराधिकार की नींव रखी गई है, जो कार्यकर्ताओं में जोश तो जगाती है, लेकिन वोट शेयर बढ़ाने की चुनौती बरकरार है। सपा और कांग्रेस पर हमले PDA गठबंधन को कमजोर कर सकते हैं, जबकि दलित-वंचित वर्गों में एकता का संदेश सामाजिक स्तर पर प्रभाव डाल सकता है। कुल मिलाकर, रैली से बसपा को नई ऊर्जा मिल सकती है, लेकिन इसका असली प्रभाव चुनाव परिणामों में दिखेगा।







