डॉक्टरों ने किया मानवता को शर्मसार: पैर को काटकर बना दिया तकिया, हुए सस्पेंड

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भीभत्स फोटो देने का मकसद सिर्फ इतना है कि जब डॉक्टरों को इंसानो के साथ खिलवाड़ करने में जरा भी हिचक नहीं आयी तो मीडिया उनकी करतूत पर पर्दा क्यों करें?

  पैर को काटकर तकिया बनाने के मामले में हुआ नया खुलासा   

झांसी,11 मार्च। डॉक्टर मरीजों के प्रति कितने असंवेदनशील है इसका जीता जगता उदहारण झांसी के एक सरकारी अस्पताल में देखने को फिर मिला जहां उन्होंने एक एक्सीडेंट में घायल मरीज का ऑप्रेशन कर उसकी कटे पैर को ही उसका तकिया बना दिया। डॉक्टरों की इस मानवता को शर्मसार करने वाली करतूत से हर कोई हैरान है।

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मिली जानकारी के मुताबिक यह असंवेदनशील मामला झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज का है। जानकारी के मुताबिक शनिवार को झांसी के लहचूरा थाना क्षेत्र के गांव इटायल से एक स्कूल बस बच्चों को लेकर मऊरानीपुर जा रही थी। तभी रास्ते में ट्रैक्टर को बचाते समय बस अनियंत्रित होकर पलट गई।

हादसे में बस के क्लीनर घनश्याम समेत आधा दर्जन बच्चे घायल हो गए। बस क्लीनर की हालत नाजुक थी, जिसके चलते उन्हें झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। सड़क हादसे में घायल हुए युवक की हालत बहुत खराब थी, जिसके चलते डॉक्टरों को उसका बायां पैर काटना पड़ा। घायल हुए बाएं पैर के नीचे डॉक्टरों ने तकिया रख दिया पर सिर के नीचे रखने के लिए उनके पास कुछ नहीं था तो उन्होंने युवक का कटा हुआ पैर ही तकिये की तरह युवके के सिर के नीचे लगा दिया।


मीडिया में मामला आने पर जागा मेडिकल प्रशासन:

घनश्याम के घायल होने की खबर मिलने के बाद जब उनके जीजा जानकी प्रसाद वहां पहुंचे तो यह भयावह तस्वीर देखकर वह घबरा गए। उन्होंने डॉक्टरों से कई बार पैर हटाने की गुहार लगाई, लेकिन डॉक्टरों ने एक ना सुनी। इस पूरी घटना को वहां घूम रहे किसी व्यक्ति ने वीडियो बना लिया। जब मामला मीडिया में आया तो मेडिकल प्रशासन ने जांच के आदेश देकर दो डॉक्टरों और दो नर्सों को निलंबित कर दिया गया है।

दिए विभागीय जांच के आदेश:

एक डॉक्टर के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। मेडिकल कॉलेज की प्रधानाचार्य साधना कौशिक ने कहा कि मामले की जांच के लिए एक कमेटी बना दी गई है। जांच बैठा दी गई है। घटना के दौरान ड्यूटी पर तैनात इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. महेंद्र पाल सिंह, सीनियर रेजीडेंट आर्थोपैडिक डॉ. आलोक अग्रवाल, सिस्टर इंचार्ज दीपा नारंग व नर्स शशि श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, डॉक्टर ऑन कॉल डॉ. प्रवीण सरावगी पर चार्जशीट जारी की गई है।