इंदौर, 4 जून। मेघालय के चेरापूंजी (सोहरा) में हनीमून मनाने गए इंदौर के नवविवाहित जोड़े राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी के लापता होने का मामला अब हत्या की गुत्थी में बदल गया है। 23 मई को लापता हुए राजा का शव 2 जून को वेइसाडोंग झरने के पास एक गहरी खाई में मिला। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि उनकी हत्या धारदार हथियार ‘दाओ’ से की गई और शव को खाई में फेंका गया। उनकी पत्नी सोनम अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश में पुलिस, एनडीआरएफ, और विशेष टीमें जुटी हैं।
पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया है, जिसका नेतृत्व एसपी (सिटी) हर्बर्ट खारकोंगोर कर रहे हैं। हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद कर लिया गया है, लेकिन हत्यारों की पहचान अभी बाकी है। शव के पास से सोनम की सफेद शर्ट, दवा की स्ट्रिप, मोबाइल फोन का स्क्रीन हिस्सा, और एक स्मार्टवॉच मिली है, जिससे जांच को नई दिशा मिली है।
सूत्रों के अनुसार राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने मेघालय पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। उनका कहना है, “राजा की सोने की अंगूठियाँ, चेन, और बटुआ गायब हैं। शव उनकी स्कूटी से 25 किमी दूर मिला, जो अपहरण और हत्या की ओर इशारा करता है।” परिवार और इंदौर का रघुवंशी समाज इस घटना से आक्रोशित है और सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहा है।
मेघालय पुलिस के अनुसार, भारी बारिश और घने जंगल सर्च ऑपरेशन में बाधा डाल रहे हैं। इंदौर के सांसद शंकर लालवानी और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस मामले में मेघालय प्रशासन से सक्रिय सहयोग का आश्वासन दिया है। देशभर में यह सवाल गूँज रहा है कि इस हत्याकांड के पीछे कौन है और सोनम का
जानकारी देने पर 5 लाख रुपये के इनाम की घोषणा
शिलांग पुलिस और एनडीआरएफ टीमें सोनम की तलाश में जुटी हैं। परिवार ने सोनम का पता बताने वालों के लिए 5 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की है।
लावारिस मिली स्कूटी
- स्थान: राजा का शव वेइसाडोंग झरने के पास मिला, जो उनकी स्कूटी से 25 किमी दूर है। स्कूटी सोहरा रिम व्यू पॉइंट पर लावारिस मिली थी।
- परिवार का दावा: परिवार का कहना है कि राजा और सोनम खुश थे, आत्महत्या असंभव है। गहने और बटुआ गायब होने से लूट और हत्या की आशंका है।
- पुलिस की कार्रवाई: मेघालय पुलिस ने ड्रोन और 70 से अधिक जवानों की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया। भारी बारिश ने मुश्किलें बढ़ाईं।
- सामाजिक प्रतिक्रिया: रघुवंशी समाज ने इंदौर में प्रदर्शन कर सेना की मदद और सीबीआई जांच की मांग की थी।







