आरोपितों के खिलाफ कोर्ट पहले आरोप तय कर चुका है
लखनऊ, 27 जुलाई 2021: मंत्री स्वाती सिंह के परिवार की महिलाओं व उनकी बेटी के लिए अमर्यादित शब्दों के इस्तेमाल करने के मामले में बुधवार को तत्कालीन बसपा के राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी की पेशी है। उन्हें एम-एमएलए कोर्ट में पेश होकर अपना बयान दर्ज कराना है।
यह बता दें कि नसीमुद्दीन सिद्दीकी, राम अचल राजभर और तत्कालीन राष्ट्रीय महासचिव मेवालाल गौतम के खिलाफ फरवरी माह में ही कोर्ट ने आरोप तय कर दिया था। इसके बाद आरोपितों को कोर्ट में पेश होकर अपना पक्ष रखना है, जिसके बाद कोर्ट द्वारा सजा तय की जाएगी।

एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष जज पवन कुमार राय ने यूपी सरकार में मंत्री स्वाति सिंह के परिवार की महिलाओं व उनकी बेटी के लिए अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल करने के मामले में बसपा के तत्कालीन राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी व राम अचल राजभर और तत्कालीन राष्ट्रीय सचिव मेवालाल गौतम के खिलाफ आरोप तय कर दिया है।
यह चर्चित मामला 22 जुलाई, 2016 का है। इस मामले की नामजद एफआईआर भाजपा नेता की मां ने थाना हजरतगंज में दर्ज कराई थी, जिसके मुताबिक 20 जुलाई, 2016 को बसपा सुप्रीमो मायावती ने राज्य सभा में उन्हें, उनकी बेटी, उनकी बहू व नातिन और उनके परिवार की सभी महिलाओं को गालियां दीं व अपशब्द कहे, जबकि इसके दूसरे दिन नसीमुद्दीन सिद्दीकी, रामअचल राजभर व मेवालाल की अगुवाई में बसपा कार्यकर्ताओं ने हजरतगंज स्थित अम्बेडकर प्रतिमा पर उनके पुत्र को गालियां दी और अभद्र टिप्पणी करते हुए धरना प्रदर्शन किया। वर्ग और जातीय भेद बताते हुए भीड़ को हिंसा के लिए उत्तेजित किया। उनके पुत्र की 12 वर्षीय बेटी के लिए खुलेआम अमर्यादित नारे लगाए। जो बलात्कार की श्रेणी में आते हैं। इस मामले में कोर्ट में पेश न होने पर सितंबर 2020 में कोर्ट ने नसीमुद्दीन सहित सभी आरोपितों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया था।
इस मामले के सम्बद्ध में बता दें कि आज जज पवन राय अवकाश पर थे। इस कारण अगली तिथि 16 अगस्त को मिली है।







