कुछ वृक्ष छोड बाकी पेडों की कटाई के लिए किसान को किसी अनुमति की जरूरत नहीं

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file photo

13 जिलों में सात वृक्षों यानी आम, नीम, साल, महुआ, खैर, सागौन और शीशम को छोडकर निजी भूमि पर लगे वृक्ष किसान काट सकेंगे

अब किसानों को वृक्ष काटने के लिए किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी, हालांकि राज्य सरकार ने किसानों से आग्रह किया है कि वे एक पेड काटने के बदले दस नये वृक्ष लगाये

लखनऊ, 26 सितंबर : उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों को आम और नीम जैसे कुछ वृक्षों को छोड अन्य वृक्षों की कटाई के लिए किसान को किसी अनुमति की जरूरत नहीं होगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में यह अहम फैसला किया गया।
अब किसानों को वृक्ष काटने के लिए किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी, हालांकि राज्य सरकार ने किसानों से आग्रह किया है कि वे एक पेड काटने के बदले दस नये वृक्ष लगाये।
राज्य सरकार के प्रवक्ता कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा ने यहां संवाददाताओं को बताया कि 62 जिलों में निजी भूमि पर आम, नीम, साल, महुआ और खैर के वृक्षों को छोडकर किसान बाकी वृक्षों की कटाई कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि इसी तरह 13 जिलों में सात वृक्षों यानी आम, नीम, साल, महुआ, खैर, सागौन और शीशम को छोडकर निजी भूमि पर लगे वृक्ष किसान काट सकेंगे।
शर्मा ने बताया कि किसानों को उक्त सात प्रजातियों को छोडकर बाकी वृक्ष प्रजातियों के काटने की पूर्ण छूट होगी। इसके लिए उन्हें किसी तरह की कोई अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण फैसला है। प्रदेश में वन क्षेत्र 33 प्रतिशत करने के लिहाज से भी यह जरूरी निर्णय है।
शर्मा ने कहा कि सरकार के इस फैसले के बाद अब किसानों को कोई तंग नहीं करेगा और वे दलालों या बिचौलियों के शोषण के शिकार नहीं होंगे।