कृषि विज्ञान केन्द्र की वैज्ञानिक ने दी महिलाओं को दी बेल के उत्पाद बनाने की सलाह
लखनऊ, 15 मई 2020: पूरा विश्व कोरोना महामारी से जुझ रहा है। हर व्यक्ति वायरस से लड़ने की शारीरिक क्षमता को विकसित करने में लगा हुआ है। ऐसे में पोषकता से भरपूर बेल बहुत फायदेमंद हो सकता है। यह खुद प्रयोग करने के साथ ही लाकडाउन के कारण घर में रह रही महिलाओं के लिए रोजगार का जरिया भी बन रहा है। इसके कई उत्पाद घर में रहकर बनाने में महिलाएं दिलचस्पी दिखा रही हैं। यह जानकारी देते हुए कृषि विज्ञान केन्द्र थरियांव, फतेहपुर की वैज्ञानिक डाक्टर साधना वैश्य ने बताया कि यह सर्वाधिक पोषक वाला तत्व गर्मी से बचाने के साथ ही कई रोगों से लड़ने में सक्षम है।
एलर्जी, अस्थमा और कैंसर जैसी बीमारियों से भी लड़ने में हैं सक्षम:
डाक्टर साधना वैश्य ने कहा कि बेल का पोषक मान प्रति सौ ग्राम कार्बोहाइड्रेट 31.8 ग्राम, प्रोटीन 1.8 ग्राम, वसा .3 ग्राम, पानी 55 ग्राम, फाइबर 2.9 ग्राम, विटामिन ए- 55 मिलीग्राम, विटामिन सी-60 मिलीग्राम, विटामिन बी-1- .13 मिली ग्राम, विटामिन बी-2- 1.19 मिलीग्राम, बी-3-1.1 मिलीग्राम आदि पोषक तत्व मिलते हैं। उन्होंने बातचीत में कहा कि कई गुणों से युक्त बेल बावेल बीमारी, डायरिया, पेप्टिक अल्सर, कोलेस्ट्राल, ब्लड प्यूरीफिकेशन, इंफेक्शन, एलर्जी, अस्थमा और कैंसर जैसी बीमारियों से भी लड़ने में सक्षम हैं। यह शरीर में एंटीबाडी का निर्माण करता है, जिससे कोरोना जैसी बीमारी से लड़ने में भी व्यक्ति को सहायता मिलेगी।
डाक्टर साधना वैश्य ने कहा कि बेल का स्क्वैश, मुरब्बा, टाफी, पाउडर के साथ ही शरबत बनाकर अच्छा प्रयोग किया जा सकता है। वैज्ञानिक डाक्टर अल्का कटियार ने कहा कि बेल की पतली-पतली स्लाइस काटकर धूप में सूखा लें। इसके बाद मिक्सी में महीन पाउडर बना लें। इसके बाद एयर टाइट जार में रख दें। जब बेल का मौसम न हो, उस समय भी दो चम्मच बेल पाउडर डालकर एक गिलास बेल का शरबत बनाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि इसी तरह बेल की टाफी बनाने के लिए पके बेल के गुदा को निकालकर बराबर पानी में थोड़ा गर्म करके मलमल के कपड़े से छान लें। तैयार गूदे को इतना पकाएं कि वह एक तिहाई रह जाये। अब इससे स्किम्ड मिल्क पाउडर, चीनी, ग्लूकोज तथा घी को थोड़ा और पकाएं। जब पदार्थ हलवा की तरह गाढ़ा हो जाये तो उसे आंच से उतार लें और उसमें पोटेशियम मेटाबाईसल्फाइड को अच्छी तरह मिला दें। इसके बाद ट्रे में रखकर पतली तह जमा दें और इसे ठंडा होने के बाद काट लें। इसके बाद इसे पालीथीन या शीशे के जार में रख लें।







