यूपी में यह फायदा सिर्फ उन्हे मिलेगा जिनके माता- पिता की कोरोना से मौत हो गई है
लखनऊ, 14 अगस्त, 2021: उत्तर प्रदेश सरकार ने कोविड काल के दौरान अनाथ युवतियों की शादी कराने का फैसला लिया है। प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत कोविड-19 से अनाथ हुई युवतियों की शादी के लिए एक लाख एक हजार रुपये जिला प्रोबेशन के माध्यम से दिए जाएंगे। इसके लिए जिले में युवतियों का डाटा एकत्र किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि यह फायदा सिर्फ उन्हीं लोगों को मिलेगा जिनके माता- पिता की कोरोना से मौत हो गई है और उनकी आर्थिक स्थित भी ठीक नहीं है। इससे पहले सरकार ने इनके भरण पोषण, शिक्षा व चिकित्सा की जिम्मेदारी ली थी।
अब फैसला लिया गया है कि मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में चयनित ऐसी किशोरियां जो बालिग हो रही हैं, उनके शादी के लिए सरकार एक लाख एक हजार रुपये देगी। विवाह के लिए निर्धारित तिथि को वर की आयु 21, वधू की आयु 18 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। इसमें आवेदन के लिए लाभार्थी व अभिभावक की फोटो सहित पूर्ण आवेदन पत्र, माता पिता या वैध संरक्षक का मृत्यु प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना होगा। पिछले महीने सीएम योगी ने गोरखपुर के तीन दिवसीय दौरे पर गए थे।
इस दौरान उन्होंने कोरोना की वजह से अपने माता-पिता को खोने वाले बच्चों से मुलाकात की थी। गोरखपुर में ऐसे छह बच्चे हैं, जिन्होंने इस महामारी में अपने माता-पिता को खो दिया था। इनमें से पांच से मुख्यमंत्री ने मुलाकात की थी। इसके बाद प्रेस कांफ्रेंस में सीएम योगी ने ऐलान किया कि माता-पिता या अपने कमाऊ अभिभावक को खोने वाले सभी बच्चों की पूरी जिम्मेदारी सरकार उठाएगी। उन्होंने बताया था कि माता-पिता को खोने वाले बच्चों के लिए हर महीने चार हजार रुपए की मदद दी जाएगी। इसके अलावा जिन बच्चों ने अपने कमाऊ अभिभावक को खो दिया है, उनकी भी पूरी मदद की जाएगी। गोरखपुर के ऐसे 174 बच्चों को संरक्षण देने की योजना बनाई गई थी।







