महाराणा प्रताप के बारे में कुछ रोचक तथ्य:
महान महाराणा प्रताप लगभग 7.5 फीट के थे, उनके पास 72 किलो का कवच था, उनके पास एक भाला था जिसका वजन 80 किलो था, उनके पास दो तलवारों थीं दोनों तलवारों का वजन 25 किलो था, कहने का तात्पर्य यह है कि उन्होंने युद्ध के मैदान में 206 किलो वजन उठाया और अपने विरोधी सेना का अंत किया था। उदयपुर के राज्य संग्रहालय में महाराणा प्रताप शूरवीर की तलवार, कवच और अन्य सैन्य सामान सुरक्षित रखा हुआ है। बता दें कि महाराणा प्रताप की मृत्यु 29 जनवरी 1597 को हुई थी। शिकार करते समय वह दुर्घटनाग्रस्त हो गए थे। एक तथ्य यह भी है कि जब महाराणा प्रताप के सबसे बड़े दुश्मन अकबर को महाराणा प्रताप की मौत के बारे में खबर हुई तो वह भी रो पड़ा था। अभी 9 मई को उनका जन्मदिन गौरव दिवस के रूप में मनाया गया।

एक तथ्य यह भी है कि महान सम्राट अकबर भी महाराणा प्रताप की वीरता से बहुत प्रभावित था। उसने महाराणा प्रताप को प्रस्ताव दिया था कि यदि वे उसके सामने झुक जाते हैं तो आधा भारत महाराणा प्रताप का हो जाएगा। परंतु उन्होंने यह प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया। महाराणा प्रताप ने कहा कि मरते दम तक कभी भी अपना सिर मुगलों के सामने नहीं झुकाएंगे।
इतिहास की माने तो मायरा की गुफा में महाराणा प्रताप ने कई दिनों तक घास की रोटियां खा कर वक्त गुजारा था।

हल्दीघाटी में महाराणा प्रताप और सम्राट अकबर के बीच भयंकर युद्ध हुआ था। इस युद्ध को 300 साल से ऊपर हो चुके हैं, पर आज भी वहां के युद्ध मैदान में तलवारे पाई जाती हैं। हल्दीघाटी के युद्ध में ना तो अकबर की जीत हुई और ना ही महाराणा प्रताप की। अकबर को सपने में महाराणा प्रताप दिखाई देते थे। बता दें कि हल्दीघाटी का युद्ध 18 जून 1576 ईस्वी को हुआ था।

राजपूत राजवंश के राजा थे महाराणा प्रताप:
युग पुरुष महाराणा प्रताप उदयपुर के मेवाड़ में सिसोदिया राजपूत राजवंश के राजा थे। इन्होंने मुगलों को कई बार युद्ध में पराजित किया, इसीलिए इतिहास में महाराणा प्रताप सिंह अपनी वीरता और दृढ़ प्रण के लिए अमर माने जाते हैं। यह एक ऐसे राजा थे जिन्होंने मुगल बादशाह अकबर की अधीनता को कभी स्वीकार नहीं किया था। उनका जन्म 9 मई सन् 1540 को राजस्थान के कुंभलगढ़ में हुआ था। उनके पिता का नाम महाराणा उदय सिंह था एवं माता का नाम महारानी जयवंता बाई था, जो पाली के सोंग्स अखैराज की बेटी थी। महाराणा प्रताप के बचपन का नाम कीका था। इतिहास की माने तो महाराणा प्रताप ने 11 शादियां की थी।







