वॉशिंगटन में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए कहा सर्जिकल स्ट्राइक से अपनी ताकत का अहसास कराया, किसी ने नहीं उठाया सवाल
वॉशिंगटन में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि तीन साल के कार्यकाल में उनकी सरकार पर एक भी दाग नहीं लगा. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम भारत पर आतंकवाद के खतरनाक प्रभावों के बारे में दुनिया को बताने में सफल रहे हैं. उन्होंने कहा ‘सजर्किल स्ट्राइक’ हमने अपनी ताकत का अहसास कराया. पीएम मोदी ने कहा, “सर्जिकल स्ट्राइक एक ऐसी घटना थी, अगर दुनिया चाहती तो भारत के बाल नोंच लेती. हमें कटघरे में खड़ी कर सकती थी, हमसे जवाब मांगा जाता. लेकिन आप लोगों ने पहली बार अनुभव किया होगा कि भारत के इतने बड़े कदम पर विश्व में किसी ने भी एक सवाल तक नहीं उठाया. जिनको भुगतना पड़ा उनकी बात अलग है. ये इसलिए कि हम दुनिया को समझाने में सफल हुए है कि आतंकवाद का वह रूप है जो हमें परेशान कर रहा है।”
उल्लेखनीय है कि भारत ने गत वर्ष उरी हमले के बाद 29 सितम्बर को नियंत्रण रेखा के पार आतंकवादी ठिकानों पर सर्जिकल हमला किया था. पीएम मोदी ने कहा कि भारत आतंकवाद का पीड़ित रहा है, लेकिन विश्व ने हमें रोका नहीं और वह हमें रोक नहीं सकता. हम विश्व को भारत पर होने वाले आतंकवाद के हानिकारक प्रभावों के बारे में बताने में सफल रहे हैं. उन्होंने परोक्ष रूप से चीन पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत वैश्विक व्यवस्था का पालन करने में विश्वास करता है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत वैश्विक नियमों का पालन किये बिना अपने लक्ष्यों को हासिल करने में विश्वास नहीं रखता. जाहिर तौर पर दक्षिण चीन सागर में चीन के प्रभुत्व जमाने की कोशिशों के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने कहा भारत ने हमेशा वैश्विक व्यवस्था और कानून के शासन के दायरे में विकास का रास्ता अपनाया है. उन्होंने कहा, यही भारत की परंपरा और संस्कृति है।
पीएम मोदी ने कहा कि मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि जो सपने आपने देखे हैं वो आपके रहते पूरे होंगे. और उसका सीधा साधा कारण है. आप भी हिंदुस्तान में थे, आप ही अमेरिका में हैं. लेकिन सही वातावरण मिलने के बाद आप इतने फले फूले कि अमेरिका की भलाई में भी सहायक बने. आपके जैसा सामर्थ्य और प्रतिभा रखने वाले सवा सौ करोड़ हिंदुस्तानी हिंदुस्तान में बैठे हैं. वो भी आप जैसे ही हैं. आपको जैसे यहां अनुकूल माहौल मिला तो आप कहां से कहां पहुंच गए. वहां उनको भी अब अनुकूल माहौल मिल रहा है तो आप भी जानते हैं कि सवा सौ करोड़ लोग हिंदुस्तान को कहां से कहां ले जा सकते हैं. और जब सवा सौ करोड़ देशवासियों का जज्बा और कुछ कर गुजरने का इरादा पूरे देश में अनुभव होता हो, तो देशवासियों मैं आपको विश्वाास दिलाता हूं कि पिछले कई दशकों से जो गति नहीं थी उससे कहीं तेजी से देश आगे बढ़ रहा है।







