श्रावस्ती। थाना इकौना क्षेत्र के ग्राम सोरूपुर (गोलेपुरवा) में दबंगों ने एक गरीब महिला का पूरा घर जला दिया, जिससे उसका सब कुछ राख हो गया। पीड़िता कुसमा पत्नी नथनी यादव ने आरोप लगाया है कि विपक्षीगण चुन्नू उर्फ रक्षाराम, राकेश यादव, कलावती, रामकुमारी और प्रीति ने मिलकर उसके रिहायशी मकान में आग लगा दी। इस घटना के बाद पीड़िता और उसका परिवार दहशत में है।
पीड़िता के अनुसार, यह घटना 27 मार्च 2025 को दोपहर करीब 1:30 बजे की है। आरोपियों ने पहले से साजिश रचकर उसके फूस के छप्पर वाले घर में आग लगा दी। घर में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया, जिसमें कपड़े, बिस्तर, चारपाई, चौकी और 80 हजार रुपये नगद भी शामिल थे। आग लगने के बाद जब धुआं उठा तो गांव में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक घर जलकर पूरी तरह नष्ट हो चुका था। सूचना मिलने पर डायल 112 पुलिस और दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
जानवर भी झुलसे, परिवार में भय का माहौल
इस आगजनी में पीड़िता की भैंस, पाड़िया और गाय भी बुरी तरह झुलस गईं, जिनका इलाज जारी है। पीड़िता का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है, बल्कि इसके पहले भी आरोपियों ने 25 मार्च 2025 की सुबह करीब 7 बजे उसकी मड़ई में आग लगा दी थी। उस समय उन्होंने धमकी दी थी कि यदि पुराना विवाद खत्म नहीं किया तो पूरे घर में आग लगा देंगे।
इस घटना के बाद से पीड़िता और उसका परिवार बेहद डरा हुआ है। महिला ने बताया कि वह एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखती है और इस घटना के बाद उसके पास रहने तक की जगह नहीं बची है। पूरा परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है।
थाने में दी गई शिकायत, अब तक नहीं हुई कोई कार्रवाई
पीड़िता ने इस मामले की शिकायत थाना इकौना में दर्ज कराई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़िता ने पुलिस से कई बार गुहार लगाई, लेकिन आरोपियों के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया है।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि विपक्षीगण दबंग प्रवृत्ति के लोग हैं और उन्हें स्थानीय प्रभावशाली लोगों का संरक्षण प्राप्त है, जिसकी वजह से पुलिस कार्रवाई करने से बच रही है। पीड़िता को डर है कि यदि समय रहते प्रशासन ने सख्त कदम नहीं उठाए, तो आरोपी उसके परिवार के साथ कोई और अनहोनी कर सकते हैं।
न्याय की मांग, प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील
पीड़िता ने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। उसने मांग की है कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उसके हुए नुकसान की भरपाई की जाए।ग्रामीणों का कहना है कि यदि पीड़िता को जल्द न्याय नहीं मिला, तो वे प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है और पीड़िता को न्याय मिल पाता है या नहीं।?







