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 रोहिंग्याओं के प्रति सहानुभूति जताने पर पोप की आलोचना

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यांगून, 04 दिसम्बर। बांग्लादेश की यात्रा के दौरान पोप फ्रांसिस ने रोहिंग्याओं के प्रति सहानुभूति व्यक्त की थी। इसके लिए सोशल मीडिया पर अब उनकी आलोचना हो रही है। बता दें कि म्यांमार की अपनी यात्रा के दौरान पोप ने रोहिंग्याओं पर सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं दिया था। लेकिन शुक्रवार को अपनी बांग्लादेश यात्रा के दौरान पोप ने रोहिंग्या समुदाय के शरणार्थियों के एक समूह से मुलाकात की थी।

उन्होंने उन शरणार्थियों के लिए ‘रोहिंग्या’ शब्द का इस्तेमाल किया था। यह शब्द म्यांमार में कई लोगों को अस्वीकार्य है। म्यांमार में उन्हें अवैध बंगाली प्रवासी कहा जाता है। जब अपनी म्यांमार यात्रा के दौरान पोप ने अपने भाषणों में रोहिंग्या समुदाय का सीधे तौर पर जिक्र नहीं किया था, तो इसके लिए उनकी तारीफ हुई थी।

पोप द्वारा बरती गई इस इस सावधानी पर म्यांमार कैथोलिक समुदाय के साथ-साथ बौद्धों ने भी तारीफ की थी। लेकिन बांग्लादेश यात्रा के दौरान जब पोप ने रोहिंग्या शब्द का उल्लेख किया और इस समुदाय के प्रति सहानुभूति जताई तो अब उनकी आलोचना हो रही है। पोप ने कहा था कि रोहिंग्याओं से मिलने के बाद वह रो पड़े। उनके इस बयान को लेकर म्यांमार में सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया हुई है। लोग कह रहे हैं कि अगर पोप को रोहिंग्याओं से सहानुभूति है तो वह उन्हें वेटिकन सिटी में क्यों नहीं बसा लेते।

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