पावरफुल जूते का कमाल

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अबकी बार जूते का कमाल सबने देखा वह भी कई बार रिवाइएंड करके और वीडियो सेंड करके! न जाने कितने बार एक्शन रिप्ले हुआ, एक जूता एक सेकेण्ड में कितने बार चला वह तो शायद अनगिनत था लेकिन लोगों ने जूते को सबने बड़ी तबियत से देखा! पार्टी की जो फजीयत हुयी वह एक अलग मुद्दा था लेकिन जूता बड़ा पावरफुल था। अब तक तो ‘‘माननीय’ अपनी मर्यादा संसद और राज्यों के विधानमंडल में तार-तार करते थे। मगर अब लगता है उन्होंने इसे टीवी से सीधे आम जनता के बीच विस्तार देने की ठान ली है।

बहुत दिन नहीं बीते जब कर्नाटक में कांग्रेस के विधायक जेएन गणोश ने पार्टी के ही विधायक आनंद सिंह के सिर पर बोतल दे मारी थी। इस विस्तार की कड़ी में संत कबीर नगर (उत्तर प्रदेश) से सांसद शरद त्रिपाठी और विधायक राकेश सिंह बघेल आपस में जूतम-पैजार कर बैठे। दोनों भाजपा से हैं। घटनाक्रम की वीडियो मौजूदगी ने इसे देश भर में वायरल कर दिया। प्रतिक्रियाओं का उफान आ गया। सोशल मीडिया पर जहां अधिकतर लोग इस ‘‘जूता सर्जिकल’ का रस ले रहे हैं, वहीं कुछ लोग चाल-चरित्र-चेहरे की बात करने वाली पार्टी भाजपा की खबर ले रहे हैं।

दरअसल, जिस स्तर पर गिरकर दोनों जनप्रतिनिधियों ने गाली-गलौज की, उससे यह सवाल खड़ हो गया है कि क्या ऐसे लोग किसी सार्वजनिक पद के लायक हैं? कार्रवाई के नाम पर प्रदेश भाजपा नेतृत्व ने दोनों को महज समन किया है। इस जूतम-पैजार की वजह एक शिलापट पर सांसद का नाम न होना आया है, परोक्ष रूप से स्थानीय सियासी समीकरण की र्चचा जो भी हो।

सवाल यह भी है कि श्रेय लेने की होड़ में क्या न्यूनतम मर्यादा का भी ख्याल नहीं रखा जाना चाहिए? उत्तर प्रदेश विधानसभा में 1997 में मारपीट की ऐतिहासिक घटना हो या 14 वीं लोक सभा में प्रभुनाथ सिंह और साधु यादव के बीच न भूलने वाली अशोभनीय घटना; सवाल घूम-फिरकर कार्रवाई पर अटक जाती है। हाल में पाकिस्तान में एक मंत्री को सिर्फ इसलिए बर्खास्त कर दिया गया क्योंकि उसने एक धर्म विशेष को लेकर बेहद आपत्तिजनक टिपण्णी कर दी थी।

सार्वजनिक जीवन में बनाए हुए अगर ऊंचे मापदंड कड़ाई से लागू किए जाएं तो इस प्रकार की हरकतों पर लगाम लग सकता है। वैसे चुनाव आयोग को ऐसे बदमिजाज सांसदों और विधायकों को ताउम्र चुनाव लड़ने पर रोक लगा देनी चाहिए। चुनाव सुधार के लिए ऐसी करतूत निश्चित तौर पर उत्प्रेरक का काम करेगी। बस सरकार और सियासी पार्टियों को विचारों में फौलादी होना होगा।

  • विशाल

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