पावर कारपोरेशन घाटा दिखाकर बिजली दरें बढाने के लिये बिहार राज्य की बढोत्तरी को बना रहा आधार: उपभोक्ता परिषद

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file photo
 उपभोक्ता परिषद ने बिहार नियामक आयोग के सचिव से भी की बात उन्होंने कहा कि सब्सिडी घोषित होने पर स्वतः आधी हो जायेंगी दरें
  • उपभोक्ता परिषद ने भी शुरू की लामबंदी, आयोग अध्यक्ष से मिलकर की लम्बी वार्ता कहा पावर कारपोरशन सुधार के नाम पर फेल, अब अपनी अक्षमता का खामियाजा जनता पर डालने की कर रहा तैयारी
  • उपभोक्ता परिषद ने कहा बिहार में बिजली दरों में व्यापक बढोत्तरी इसलिये क्योंकि वहाॅं की सरकार ने अभी तक नही घोषित किया सब्सिडी, उप्र में 5500 करोड उदय स्कीम में पहले ही घोषित है सब्सिडी
उप्र पावर कारपोरेशन जहाॅं आजकल घाटे का रोना रोते हुए प्रदेश के अनमीटर्ड व आम विद्युत उपभोक्ताओं की बिजली दरों में इजाफा कराने के लिये लामबंदी कर रहा है और जल्द आयोग को बढोत्तरी का प्रसताव सौंपने वाला है अभी तक गुजरात माडल का बखान करने वाले पावर कारपोरेशन ने अब बिहार राज्य में विगत दिनों  हुयी व्यापक विद्युत वृद्धि के आधार पर उप्र में भी ग्रामीण अनमीटर्ड विद्युत उपभोक्ताओं की दरों में इजाफा की रणनीति बना रहा है।
वहीं दूसरी ओर प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं के हितों में लम्बे समय से लडाई लड रहे उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने भी अपनी लामबंदी शुरू करते हुए आज नियामक आयोग अध्यक्ष श्री देश दीपक वर्मा से मुलाकात कर लम्बी वार्ता की। उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने आयोग के सामने यह मुददा उठाया कि उदय स्कीम के तहत लाइन हानियों सहित ऊर्जा क्षेत्र में जो सुधार परिलक्षित होना चाहिये वह तो हो नही रहा है वर्तमान में पूरे प्रदेश में छोटे ट्रांसफार्मरों की क्षतिग्रस्तता अधिक होने व उपलब्धता न होने के चलते जिलों में बिजली को लेकर हाहाकरा मचा हैं वहीं पावर कारपोरेशन प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं की दरों में इजाफा कराने के लिये जुगत में लगा हैं। कारपोरेशन अपनी अक्षमता का खामियाजा प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं पर डालने की साचिस कर रहा है।
नियामक आयोग अध्यक्ष श्री देश दीपक वर्मा ने उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष से वार्ता के बाद यह आश्वासन दिया कि आयोग उदय संबंधी प्रोगे्रस के बारे में पूरी सूचना पावर कारपोरेशन से तलब की है प्रदेश के आम जनता व ग्रामीण विद्युत उपभोक्ताओं के साथ किसी भी दशा में अन्याय नही होगा।  कारपोरेशन की अक्षमता का खामियाजा उपभोक्ताओं पर नही डाला जायेगा।
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि प्रदेश का पावर कारपोरेशन बिहार के आधार पर अनमीटर्ड विद्युत उपभोक्ताओं की दरों में व्यापक बढोत्तरी कराने की रणनीति बना रहा हे परन्तु उसे शायद यह नही मालुम कि विगत दिनों बिहार में जो लगभग 58 प्रतिशत की विद्युत दरों में वृद्धि हुयी है वह बिना सब्सिडी के तय की गयी हैं क्योंकि बिहार सरकार द्वारा आयोग को सब्सिडी संबंधी कोई पत्र नही दिया गया था , वहीं उप्र की उदय स्कीम के तहत अभी तक ग्रामीण किसान व आम घरेलू उपभोक्ताओं के लिये जो सब्सिडी तय है वह लगभग 5500 करोड है ऐसे में उप्र पावर कारपोरेशन को बिहार का उदाहरण लेने के पहले अध्यन भी करना चाहिये। दूसरा सबसे बडा चौकाने वाला मामला यह है कि विगत में बिहार में 2 किलोवाट के अनमीटर्ड विद्युत उपभोक्ताओं जिनसे पहले 170 रू0 लिया जाता था अब उसे बढाकर रू0 500 कर दिया गया है क्योंकि इसमें सब्सिडी नही शामिल है। वहीं दूसरी ओर पावर कारपोरेशन को उपभोक्ता परिषद यह बताना चाहता है कि वर्तमान में उप्र के विद्युत उपभोकताओं की सब्सिडी के बिना जो अनमीटर्ड घरेलू ग्रामीण उपभोक्ताओं की बिजली दर रेग्यूलेटरी सरचार्ज व इलेक्ट्रििसिटी डयूटी सहित 2 किलोवाट पर ग्रामीण अनमीटर्ड विद्युत उपभेाक्ता विभाग को अदा कर रहा है वह रू0 393 है। वहीं दूसरी ओर इस मद में सरकार भी सब्सिडी दे रही है ऐसे में उप्र की दरें बहुत कम है यह कहना उचित नही है।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा कि आज ही बिहार द्वारा अप्रैल में जारी टैरिफ के संबंध में बिहार विद्युत नियामक आयोग के सचिव से बात की उनके द्वारा भी उपभोक्ता परिषद को यह बताया गया कि बिहार का टैरिफ बिना सब्सिडी के घोषित किया गया है। यदि बिहार सरकार द्वारा सब्सिडी घोषित की जायेगी तो दरंे स्वतः आधी हो जायेंगी।