19 वर्षों से किडनी रोग से जूझ रहे वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज की हालत में सुधार के संकेत, पदयात्रा स्थगित लेकिन एकांतिक वार्ता जारी; सभी धर्मों के अनुयायी एकजुट होकर स्वस्थ्य लाभ की कामना कर रहे हैं
वृंदावन, 10 अक्टूबर 2025: वृंदावन के आध्यात्मिक जगत के प्रमुख स्तंभ, संत प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज (जिन्हें भक्त प्रेमानंद महाराज के नाम से पुकारते हैं) के स्वास्थ्य को लेकर देशभर में फैले उनके करोड़ों अनुयायियों में चिंता की लहर दौड़ रही है। सभी धर्मों और समुदायों से जुड़े भक्त उन्हें संवेदनशीलता से सुनते और अनुसरण करते हैं, लेकिन हाल के दिनों में उनकी बिगड़ती तबीयत ने सबको स्तब्ध कर दिया है। आश्रम से मिली जानकारी के अनुसार, महाराज की स्थिति अब स्थिर हो रही है, और वे दैनिक डायलिसिस के बावजूद अपने प्रवचनों और एकांतिक वार्ताओं के माध्यम से भक्तों को प्रेरित कर रहे हैं।
प्रेमानंद महाराज लंबे समय से पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज (PKD) नामक आनुवंशिक रोग से पीड़ित हैं, जो 2006 में निदान हुआ था। इस बीमारी ने उनकी दोनों किडनियों को पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया है, और वे पिछले 19 वर्षों से डायलिसिस पर निर्भर हैं। सामान्य चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, किडनी फेलियर के मरीजों को सप्ताह में 3 बार डायलिसिस की सलाह दी जाती है, लेकिन महाराज की स्थिति गंभीर होने के कारण पहले यह साप्ताहिक 7 दिनों तक हो रही थी। अब, डॉक्टरों की सलाह पर इसे घटाकर 5 दिनों तक सीमित कर दिया गया है, जो एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। प्रत्येक सत्र 4-5 घंटे का होता है, और आश्रम में ही एक उच्च तकनीकी डायलिसिस कक्ष स्थापित है, जहां प्रशिक्षित चिकित्सक और तकनीशियन उनकी देखभाल करते हैं।

हाल ही में 4 अक्टूबर को श्री हित राधा केली कुंज आश्रम ने आधिकारिक घोषणा की कि स्वास्थ्य कारणों से महाराज की दैनिक पदयात्रा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है। इस खबर ने भक्तों को मायूस कर दिया, क्योंकि पदयात्रा के दौरान वे हजारों श्रद्धालुओं को दर्शन देते थे। सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ वीडियो में महाराज सूजी आंखों, लाल चेहरे और कमजोर आवाज के साथ दिखे, जिससे अफवाहें फैलीं कि वे अस्पताल में भर्ती हैं। हालांकि, आश्रम ने इनका खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि महाराज आश्रम में ही हैं और स्थिति नियंत्रण में है। 8 अक्टूबर को एक वीडियो में महाराज ने खुद अपडेट दिया: “आजकल बेहतर महसूस हो रहा है, आंखें खुल रही हैं। सेवा कभी रुकनी नहीं चाहिए।” उन्होंने भक्तों से अफवाहों से दूर रहने और प्रार्थना करने की अपील की।
डॉक्टर आशीष शर्मा, जो महाराज के इलाज में सहयोग कर रहे हैं, ने बताया, “पिछले कुछ हफ्तों में सुधार दिख रहा है। डायलिसिस अब 5 दिनों तक हो रही है, और महाराज की विल पावर और अनुशासन ने चिकित्सकों को भी हैरान कर दिया है।” डायलिसिस के साइड इफेक्ट्स जैसे थकान, सूजन और मांसपेशियों में दर्द आम हैं, लेकिन महाराज के चेहरे पर कभी तकलीफ का भाव नहीं झलकता। वे कहते हैं, “यह राधारानी की कृपा है।” छह डॉक्टरों की टीम, जिसमें ऑस्ट्रेलियाई हृदय रोग विशेषज्ञ भी शामिल हैं, उनकी निगरानी कर रही है।

प्रेमानंद महाराज के अनुयायी सभी धर्मों से हैं हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई जो उनके सत्संगों से प्रेरित होकर जीवन जीते हैं। सोशल मीडिया पर उनके आधिकारिक हैंडल @bhajanmarg_official पर लाखों व्यूज आते हैं, जहां वे राधा नाम का प्रचार और समाज में एकता का संदेश देते हैं। एक तरफ जहां कुछ मंचों से साधु-संतों के नाम पर नफरत फैलाई जा रही है, वहीं महाराज सदैव प्रेम, सद्भाव और सेवा की बात करते हैं। भक्त अरिफ मसूद जैसे अनुयायी प्रार्थना कर रहे हैं: “मालिक से दुआ है कि वे शीघ्र स्वस्थ हों।” पूर्व क्रिकेटर वरुण चक्रवर्ती और अभिनेता अशुतोष राणा जैसे लोग भी उनके प्रशंसक हैं।
यूजर बोलें : उन्होंने कभी तकलीफ़ को अपनी मुस्कान पर हावी नहीं होने दिया
- अश्विनी यादव : मेरे प्रिय महाराज जी हमेशा जनहित की बात करते हैं। उनका अनुसरण ही हमारे लिये सत मार्ग है।
- कवीस अज़ीज : अच्छी बातें करते हैं और खिलखिला कर बच्चों की तरह हंसते हैं, दिल के बेहद साफ लगते हैं। उनके चेहरे पर वही निश्चल भाव और भोलापन नजर आता है जो वह अपनी बातों से कहते हैं।
- विनय विश्वकर्मा : प्रेमानंद महाराज जी का जीवन अनुकरणीय है,19 साल से डायलिसिस जैसी कठिन साधना के बीच भी उन्होंने कभी तकलीफ़ को अपनी मुस्कान पर हावी नहीं होने दिया। वे समाज में प्रेम, एकता और सद्भाव का संदेश देते हैं। हम सब उनकी स्वस्थता और दीर्घायु की कामना करते हैं।
- प्रेम भारद्वाज : प्रेमानंद जी महाराज एक ऐसे संत हैं जिन्हें सभी स्वीकार करते हैं।
आश्रम ने भक्तों से अपील की है कि वे वृंदावन न आएं और घर बैठे प्रार्थना करें। महाराज की दीर्घायु और पूर्ण स्वास्थ्य लाभ की कामना के साथ, यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि आध्यात्मिक शक्ति शारीरिक कमजोरी पर विजय पा सकती है। जय श्री राधे!






