संगोष्ठी में ‘राष्ट्रपिता महात्मा ज्योतिराव फूले जी’ के इतिहास और विधवा-विवाह, महिला शिक्षा के अधिकार के प्रति संघर्ष पर लोगों ने रखे विचार
लखनऊ 28 नवंबर। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय, लखनऊ के ‘अशोका बॉयज छात्रावास के प्रांगण मे “संविधान दिवस” के अवसर पर बहुजन छात्र संग़ठन अम्बेडकर यूनिवर्सिटी दलित स्टूडेंट्स यूनियन*(AUDSU) के तत्वाधान मे आज ‘राष्ट्रपिता महात्मा ज्योतिराव फूले जी’ के परिनिर्वाण दिवस पर संगोष्ठी और कार्यक्रम आयोजन किया गया था। जिसमे कई गणमान्य विद्वान और विवि के छात्र/छात्राओं ने भाग लिया।

जिसमे ‘राष्ट्रपिता फूले के परिनिर्वाण’ दिवस के कार्यक्रम मे मुख्यवक्ता के रुप मे श्री रमाशंकर राम, निदेशक, बीएसएनएल, उत्तर प्रदेश और कार्यकारिणी सदस्य, बामसेफ जी ने 18वीं शताब्दी में बहुजन महापुरषों के इतिहास और संघर्ष पर प्रकाश डाला और उन्होंने फूले जी के विधवा-विवाह, महिला शिक्षा के लिए उन्होंने संघर्ष करते हुए कई महिला विद्यालय खुलवाये। राष्ट्रपिता जी के जीवन के संघर्ष पर बहुत ही गहनता से अपने विचार दिये तथा विवि के अजय कुमार, दिवाकरराम, विकास रंजन, सौरभ कुमार,ने फूले जी के स्त्री शिक्षा पर जोर दिया और बाल -विवाह, अन्धविश्वास का विरोध किया’ पर अपने विचार रखें।

आज के कार्यक्रम को सफल बनाने मे मुख्य भूमिका बसंत कुमार कनौजिया, जयसिंह, शिवमआदित्य, प्रतीक गौतम, अखिलेन्द्र आर्या,अरुण कुमार, राहुल गौतम, सन्दीप गौतम, अलोक कुमार, कृष्ण मोहन लाल, सुनिल कुमार गौर, प्रदीप राय, विपिन कुमार, कमलेश कुमार, दयानंद, सौरभ कुमार, राज कुमार एंव अन्य सैकड़ो छात्र/छात्राएं उपस्थित रहे।







