शिक्षामित्र बहनों ने विधायक भाई से मांगा, अपने जीवन यापन का अधिकार

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आज शिक्षामित्र जेवर के विधायक धीरेन्द्र सिंह से रबूपुरा स्थित शांती देवी ग्राउंड में मिले तथा कई महिला शिक्षामित्रों ने जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह की कलाई पर राखी बांधकर, उनसे अपने जीवन यापन के लिए किये जा रहे संघर्ष में मदद किये जाने की गुहार लगाई। विधायक जेवर धीरेन्द्र सिंह ने उपस्थित शिक्षामित्रों के मध्य में कहा कि ’’मा. सर्वोच्च न्यायालय का आदेश आने के पश्चात ही प्रदेश के मुख्यमंत्री मा. योगी आदित्यनाथ जी ने शिक्षामित्रों की समस्या को गम्भीरता से लिया था तथा शिक्षामित्रों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले शिक्षक नेताओं व अन्य नेताओं के लिए अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी को वार्ता हेतु नामित भी कर दिया।

स्पष्ट है कि मा. मुख्यमंत्री जी इस मुददे पर पूरी तरीके से संवेदनशील हैं, लेकिन प्रदेश के कुछ स्थानों पर हुई हिंसा को इसलिए जायज नही ठहराया जा सकता कि जब वार्ता के दरवाजे खुले हुये है तो फिर हिंसा की आवश्यकता क्यों आये।’’ विधायक जेवर धीरेन्द्र सिंह ने आगे कहा कि ’’इस देश में महात्मा गांधी ने अहिंसा का मार्ग अपनाकर, ब्रितानिया हुकूमत की जडों को हिलाते हुए, इस देश को आजादी दिलायी। आपसे सभी लोग यकीन रखे कि सरकार पूरी तरीके से शिक्षामित्रों के मसले में गम्भीर व संवेदनशील है तथा मैं अपने स्तर से विधानसभा और मा. मुख्यमंत्री जी के स्तर से, इस समस्या के समाधान का रास्ता निकालने का भरसक प्रयास करूंगा।’’

आज शिक्षामित्र जेवर के विधायक धीरेन्द्र सिंह से रबूपुरा स्थित शांती देवी ग्राउंड में मिले तथा कई महिला शिक्षामित्रों ने जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह की कलाई पर राखी बांधकर, उनसे अपने जीवन यापन के लिए किये जा रहे संघर्ष में मदद किये जाने की गुहार लगाई। विधायक जेवर धीरेन्द्र सिंह ने उपस्थित शिक्षामित्रों के मध्य में कहा कि ’’मा. सर्वोच्च न्यायालय का आदेश आने के पश्चात ही प्रदेश के मुख्यमंत्री मा. योगी आदित्यनाथ जी ने शिक्षामित्रों की समस्या को गम्भीरता से लिया था तथा शिक्षामित्रों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले शिक्षक नेताओं व अन्य नेताओं के लिए अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी को वार्ता हेतु नामित भी कर दिया। स्पष्ट है कि मा. मुख्यमंत्री जी इस मुददे पर पूरी तरीके से संवेदनशील हैं, लेकिन प्रदेश के कुछ स्थानों पर हुई हिंसा को इसलिए जायज नही ठहराया जा सकता कि जब वार्ता के दरवाजे खुले हुये है तो फिर हिंसा की आवश्यकता क्यों आये।’’

विधायक जेवर धीरेन्द्र सिंह ने आगे कहा कि ’’इस देश में महात्मा गांधी ने अहिंसा का मार्ग अपनाकर, ब्रितानिया हुकूमत की जडों को हिलाते हुए, इस देश को आजादी दिलायी। आपसे सभी लोग यकीन रखे कि सरकार पूरी तरीके से शिक्षामित्रों के मसले में गम्भीर व संवेदनशील है तथा मैं अपने स्तर से विधानसभा और मा0 मुख्यमंत्री जी के स्तर से, इस समस्या के समाधान का रास्ता निकालने का भरसक प्रयास करूंगा।’’

प्रतिनिधिमंडल में जितेन्द्र शाही प्रदेश अध्यक्ष, शिक्षामित्र संघ, विश्वनाथ कुशवाहा, प्रदेश महामंत्री, अवनिश सिंह, अनिल भाटी, जितेन्द्र नागर, अंजना रमन, प्रीति भाटी, बबीता, मंजू, नीरज, राजेश शर्मा, श्यामवीर नागर, सरिता भाटी, गीता नागर, महेश यादव, सर्वेश शर्मा, किरनपाल नागर, अजब सिंह भाटी, रविन्द्र रोशा, संजय भाटी, मनोज भाटी, विनोद नागर, संतोष नागर, निरंजन नागर, अशोक शर्मा, चोखेलाल, श्रीमति रीना सिंह व उमेश पांडेय आदि सैंकडों शिक्षामित्र मौजूद रहे।

जनपद के कई स्थानों पर रहने वाले सपेरा जाति के लोगों ने विधायक से मिलकर लगायी अपने अस्तित्व को बचाने की गुहार

जैसा कि विदित ही है कि पशु क्रूरता अधिनियम के प्रभावी होने के कारण आज सपेरा जाति के लोगों का जीवन यापन का जरिया छिन चुका है, अचानक आये संकट की वजह से सपेरा जाति अपने अस्तित्व को बचाने के लिए संघर्ष कर रही है। इतना ही नही अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र न बनने के कारण सरकार की योजनाओं का जो लाभ एक कमजोर तबके को मिलना चाहिए वह भी इन्हें नही मिल पा रहा है। अशिक्षित होने के कारण नौजवान भी भटकाव के रास्ते पर हैं। विधायक जेवर धीरेन्द्र सिंह ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि ’’जल्द ही इस मुददों को मा. मुख्यमंत्री जी के समक्ष उठाया जायेगा तथा उत्तर प्रदेश में भी सपेरा जाति को अनुसूचित जाति का लाभ मिल सके, इसके लिए पूरा प्रयास कर, सपेरा जाति के उत्थान हेतु हर सम्भव मदद की जायेगी।’’ 
प्रतिनिधिमंडल में अतरा नाथ, साधुनाथ, कन्हैयानाथ, राजू नाथ, टोडलनाथ, सुन्दर नाथ, विजय नाथ, अजय नाथ, फौजी नाथ, ओमी नाथ, बुलेन्द्र नाथ, लोकेश नाथ, राहुल नाथ, विक्रम नाथ व अशोक नाथ के अलावा श्रीमति सरवती देवी, सुमित्रा देवी, सजना देवी, सविता देवी, गीता देवी आदि शामिल रहे।

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