प्रोविजनल फिक्सड कास्ट 1.88 प्रति यूनिट में आयोग ने किया 36 पैसे का इजाफा, मंचा हंगामा

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  • गुपचुप तरीके से हाई प्रोफाइल बजाज ग्रुप की ललितपुर पावर जनरेशन कम्पनी के प्रोविजनल फिक्सड कास्ट रू. 1.88 प्रति यूनिट में आयोग ने किया 36 पैसे का इजाफा, अब फिक्सड कास्ट रू0 2.24 प्रति यूनिट पर मंचा हंगामा
  • आयोग द्वारा जारी आदेश में पावर कारपोरेशन को पीछे से रू0 2.24 प्रति यूनिट के हिसाब से बजाज की तीनों 660 मेगावाट की यूनिट को करना होगा भुगतान जिससे उपभोक्ताओं की बिजली दरों में इजाफा होना तय
  • याचिका में आपत्तिकर्ता उपभोक्ता परिषद ने आयोग आदेश पर खडा किया सवाल कहा पूर्व में आयोग द्वारा तय फिक्सड कास्ट की प्रोविजनल दर पर पुनः आयोग ने क्यों की बढोत्तरी।
  • उपभोक्ता परिषद ने मुख्यमंत्री जी से उठायी मांग पूरे मामले की हो सीबीआई जाॅंच होगा चौकाने वाले मामले का खुलासा
लखनऊ, 08 मार्च। बजाज ग्रुप की हाई प्रोफाइल ललितपुर पावर जनरेशन कम्पनी की 3 अलग -अलग इकाइयों 660 मेगावाट कुल 1980 मेगावाट के मामले में गुपचुप तरीके से उप्र विद्युत नियामक आयोग द्वारा फिक्सड चार्ज के लिये एक प्रोविजनल टैरिफ बढोत्तरी का आदेश कर दिया है। आदेश आते ही हंगामा शुरू हो गया है। गौरतलब है कि विगत दिनों ललितपुर पावर जनरेशन कम्पनी द्वारा सपा सरकार मे पावर कारपोरेशन से सांठ-गांठ कर अपने उत्पादन गृह की कुल सीलिंग कैपिटल कास्ट 16006 करोड पर अपनी सहमति बना ली थी। और आयोग में दाखिल कर दिया था।
जिसको लेकर उपभोक्ता परिषद लगातार विरोध कर रहा था। जिसके बाद से मामला आयेाग में विचाराधीन था। और आयेाग द्वारा 2015 में ललितपुर की प्राविजनल कैपिटल कास्ट रू0 11581 करोड मानते हुये पहली यूनिट की फिक्सड चार्ज रू0 1.88 प्रति यूनिट तय किया था। लेकिन आज नियामक आयोग द्वारा ललितपुर पावर जनरेशन कम्पनी द्वारा दाखिल रू0 14916 करोड प्रोविजनल कैपिटल कास्ट के आधार पर एक अलग प्रोविजनल दर तय करते हुये पूर्व में तय फिक्सड कास्ट रू0 1.88 प्रति यूनिट की जगह रू0 2.24 प्रति यूनिट फिक्सड कास्ट तय करते हुये बजाज ग्रुप द्वारा प्रस्तावित प्रोविजनल 14916 करोड कैपिटल कास्ट का  95 प्रतिशत अर्थात 14269 करोड पर अपनी सहमति दे दी गयी। सबसे बडा चौकाने वाला मामला यह है कि आयोग द्वारा जारी आदेश को सभी तीनों यूनिटों के लिये पीछे से लागू कर दिया गया है अर्थात लगभग 400 से 500 करोड पावर कारपोरेशन को अतिरिक्त भी बजाज कम्पनी को फिलहाल देना होगा। आयोग द्वारा तय फिक्सड कास्ट में लगभग 36 पैसे की वृद्धि से आने वाले समय में प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं की दरों में इजाफा होना तय है। उपभोक्ता परिषद ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से पूरे मामले की सीबीआई से जाॅंच कराने की मांग उठायी है।
याचिका में आपत्तिकर्ता उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि सबसे बडा चौकाने वाला सवाल यह है कि आयोग द्वारा पूर्व में जब एक प्रोविजनल फिक्सड चार्ज रू0 1.88 प्रति यूनिट तय किया जा चुका था तो पुनः एक और प्रोविजनल दर आयोग द्वारा क्यों तय करने में जल्दबाजी की गयी जब फाइनल कैटिल कास्ट के आधार पर जो फिक्सड चार्ज तय होता वह सभी को मान्य था। पूर्व में उपभोक्ता परिषद द्वारा बजाज गु्रप की इस उत्पादन गृह की कुल सिलिंग कैपिटल कास्ट रू. 16006 करोड पर जब सवाल खडा किया गया था तो उसके बाद 2015 में पावर कारपोरेशन द्वारा इस पूरे मामले पर 3 सदस्यीय कमेटी बना दी गयी थी। जिसकी रिपोर्ट का खुलासा करने के लिये लगातार उपभोक्ता परिषद अयोग से मांग कर रहा था और आयेाग रिपोर्ट मंगाने के लिये सहमत था। आयोग के पूर्व अध्यक्ष श्री देश दीपक वर्मा द्वारा यह कहा गया था कि पावर कारपोरेशन लि0 की तीन सदस्यीय समिति की रिपोर्ट मंगाने के बाद ही निर्णय लिया जायेगा। आयेाग द्वारा आज जारी आदेश में उपभोक्ता परिषद की आपत्तियों व कमेटी की रिपोर्ट के मामले में यह लिखा गया है कि आयोग इस मामले में जब अंतिम निर्णय लेगा तब विचार करेगा जो अपने आप में उच्च स्तरीय जाॅं का मामला है।
वर्तमान में बजाज ललितपुर पावर हाउस से प्रदेश की बिजली कम्पनियाॅं लगभग 5326 करोड की बिजली खरीद रही हैं आयोग द्वारा जारी टेरिफ आदेश के अनुसार ललितपुर से 10625 मिलियन यूनिट बिजली साल में ली जानी है ऐसे में फिक्सड कास्ट में आयोग द्वारा 36 पैसे की वृद्धि से हर साल करोडों रूपया अधिक भुगतान करना पडेगा।

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