लखनऊ 17 सितम्बर। कांग्रेस पार्टी ने मीडिया के माध्यम से कहा है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार कानून व्यवस्था संभालने में बुरी तरह असफल साबित हुई है। समाचारपत्रों में जहां मुख्यमंत्री योगी जी की चेतावनी कि ‘‘अपराधियों को न बख्शें’’ प्रकाशित होती है वहीं दूसरी तरफ केन्द्रीय मंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी की बहन फरहत नकवी को जान से मारने की धमकी और अपहरण करने का प्रयास किया गया। लखनऊ की छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना हो या अमेठी में पति को बंधक बनाकर महिला के साथ बलात्कार की घटना हो, बरसाने के सुप्रसिद्ध राधा मन्दिर में साध्वी के साथ सामूहिक दुराचार की घटनाओं ने आज पूरे प्रदेश में आम जनता को भय के वातावरण में जीने के लिए मजबूर कर दिया है।
प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं प्रवक्ता ओंकारनाथ सिंह ने आज जारी बयान में कहा कि चाहे बैंक में दिनदहाड़े डकैती हो, खुलेआम हत्या हो, लूट की घटनाएं हों, बलात्कार की घटनाएं हों, प्रदेश सरकार और पुलिस पूरी तरह अपराधियों तक पहुंचने में असफल है। बागपत में व्यापारी से 10 लाख की रंगदारी मांगी गयी, रंगदारी न देने पर बेटे की हत्या की धमकी दी गई। महराजगंज में 4 बच्चों की हत्या हो, बुलन्दशहर में महिला के साथ बलात्कार की घटना हो, अपराधियों के हौसले इतने बुलन्द हैं कि बिजनौर में एक लड़की के माता-पिता छेड़छाड़ की शिकायत लेकर जब छेड़खानी करने वाले के घर गये तो वहीं पर उनकी हत्या कर दी गयी।
श्री सिंह ने कहा कि इतना ही नहीं विगत 6 माह से अधिक समय योगी जी के सत्ता संभाले हो चुके हैं लेकिन उनकी ‘जीरो टालरेन्स’ वाली नीति बिल्कुल ठीक विपरीत दिशा में है। राजधानी के इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान जैसे पॉश और सुरक्षित क्षेत्र में 13सितम्बर को हजारों लोगों की मौजूदगी में गाड़ी चोर उठा ले गये और सीसीटीवी कैमरे से साफ-साफ पता चलने के बावजूद आज तक पुलिस चोरों का सुराग तक नहीं लगा पायी है। पुलिस तन्त्र पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। पुलिस का काम सिर्फ मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों, मंत्री आवासों की सुरक्षा एवं उनकी हां में हां मिलाने तक ही सीमित रह गया है। ऐसे में आम जनता की सुरक्षा कौन करेगा? यह आज यक्ष प्रश्न बन चुका है।
श्री सिंह ने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अन्तर है। मुख्यमंत्री की रोजाना चेतावनी देने के बाद भी पुलिस निष्क्रिय है। ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार का पुलिस पर नियन्त्रण समाप्त हो गया है।
भाजपा ने गलत आंकड़े पेश कर सनसनी फैलायी
लखनऊ 17 सितम्बर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा आज दिये गये बयान कि ’’इस वर्ष इंसेफेलाइटिस की बीमारी से मरने वाले मरीजों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में कम हुई है व गलत आंकड़े पेश कर सनसनी फैलायी गयी है’’ दुर्भाग्यपूर्ण एवं निन्दनीय है। मुख्यमंत्री के इस बयान से साबित हो गया है कि वह इस महामारी के प्रति कतई गंभीर नहीं हैं एवं संवेदनहीन हैं।
प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं प्रवक्ता ओंकारनाथ सिंह ने आज जारी बयान में कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जनपद एवं संसदीय क्षेत्र जनपद गोरखपुर के बाबा राघवदास मेडिकल कालेज में शासन-प्रशासन एवं चिकित्सकों की घोर लापरवाही के चलते आक्सीजन की कमी से सैंकड़ों बच्चों की दुःखद मौत हुई है और मुख्यमंत्री इसे अपनी उपलब्धि मान रहे हैं और इन मौतों के लिए जिम्मेदार अपने मंत्री को बचा रहे हैं। सिर्फ बीआरडी मेडिकल कालेज के डाक्टरों और कर्मचारियों के विरूद्ध कार्यवाही करके इतनी बड़ी हृदय विदारक घटना पर अभी भी लीपापोती करने का प्रयास कर रहे हैं। इतना ही नहीं वाराणसी, फर्रूखाबाद, सैफई, शाहजहांपुर आदि तमाम अस्पतालों में सैंकड़ों बच्चे आक्सीजन की कमी एवं चिकित्सीय अभाव में दम तोड़ चुके हैं। मौतों का यह सिलसिला अभी भी जारी है और प्रदेश सरकार संवेदनहीन बनी हुई है।
श्री सिंह ने कहा कि उप्र में राजधानी लखनऊ सहित लगभग 68 जनपदों में स्वाइन फ्लू जैसी जानलेवा बीमारी फैल चुकी है जिसमें 45 जनपदों में पहली बार स्वाइन फ्लू के मरीजों की पुष्टि हुई है। राजधानी लखनऊ में पीजीआई सहित कई अस्पतालों में स्वाइन फ्लू एवं डेंगू जैसी मच्छरजनित बीमारी से सैंकड़ों लोगों की असमय जानें जा चुकी हैं। स्वाइन फ्लू का कहर अभी भी जारी है किन्तु प्रदेश के मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा है। इसे रोकने हेतु कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।







