अब बिजली मिलेगी किस्तों की सुविधा में…

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ग्रामीण घरेलू विद्युत उपभोक्ता व ग्रामीण किसान होंगे लाभान्वित, आयोग ने बनाया नया कानून, शीघ्र अधिसूचना होगी जारी 

  • विद्युत वितरण संहिता सप्लाई कोड रिब्यू पैनल सबकमेटी के बैठक में पारित हुआ नया कानून अब ग्रामीण घरेलू व किसानों को हमेशा के लिये किस्तों की सुविधा होगी लागू
  • सब कमेटी के बैठक में पावर कार्पोरेशन द्वारा बिना आयोग के अनुमति के आयोग आदेश की प्रत्याशा में जारी किये गये आदेश पर भी उठा गम्भीर सवाल
लखनऊ, 12 मार्च। उप्र पावर कारपोरेशन द्वारा 3 मार्च को उप्र विद्युत नियामक आयोग को ग्रामीण व कृषि क्षेत्र के विद्युत उपभोक्ताओं को किश्तों की सुविधा प्रदान किये जाने हेतु भेजे गये प्रस्ताव पर विद्युत नियामक आयोग की सप्लाई कोड रिव्यू पैनल सब कमेटी की आज एक बैठक नियामक आयोग अध्यक्ष श्री एस के अग्रवाल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुयी। जिसमें ग्रामीण घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं व ग्रामीण किसानों के लिये किस्तों की सुविधा पर अब प्रदेश में नया कानून बनाने का निर्णय ले लिया गया है। जल्द ही इस आशय की अधिसूचना लागू की जायेगी। आज की रिव्यू पैनल सब कमेटी की बैठक में जहाॅं पावर कारपोरेशन की तरफ से मध्याॅंचल विद्युत वितरण निगम के प्रबन्ध निदेशक श्री ए पी सिंह, निदेशक वितरण पावर कारपोरेशन श्री विजय कुमार, नियामक आयोग के सचिव श्री संजय श्रीवास्तव, नियामक आयोग के निदेशक, वितरण श्री विकास चन्द्र अग्रवाल उपस्थित थे वहीं प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं की तरफ से उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा भी बैठक में शामिल थे।
पैनल में सामिल सभी सदस्यों की पूर्ण सहमति के आधार पर विद्युत वितरण संहिता 2005 में होने वाले संशोधन में अब एक नया क्लाज जोड दिया गया है जिसमें कोई भी घरेलू ग्रामीण उपभोक्ता यदि अपने वर्तमान बिल के साथ बकाये की 10 प्रतिशत राशि को भुगतान करता है तो आगे उसको 6 मासिक किश्तों का अधिकार प्राप्त होगा। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्र के किसानों यानि कि एलएमवी-5 के किसान यदि अपने वर्तमान बिल के साथ 20 प्रतिशत बकाया जमा करेंगे तो उन्हें भी 6 मासिक किश्तों का अधिकार होगा। अभी तक विद्युत वितरण संहिता में जो प्राविधान थे उसमें सभी विद्युत उपभोक्ताओं के लिये बकाये का 40 प्रतिशत जमा करने पर उसे 4 समान किश्तों का अधिकार था। अब यह व्यवस्था ग्रामीण व किसान को छोडकर अन्य सभी पर लागू यथावत रहेगी।
सप्लाई कोड रिव्यू पैनल की सब कमेटी में पैनल के सदस्य व उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा द्वारा यह मुददा उठाया गया कि पावर कारपोरेशन के प्रबन्ध निदेश द्वारा आज जो किश्तों की सुविधा पर कानून बनाने जा रहे हैं उस पर उनके द्वारा बिना आयोग के अनुमोदन के पहले ही आयोग आदेश की प्रत्याशा में सभी कम्पनियों के लिये आदेश जारी किया जा चुका है जो विद्युत वितरण संहिता 2005 का उल्लंघन है। भविष्य में पावर कापोरेशन को इस बात पर ध्यान दे कि उसे आयोग आदेश की प्रत्याशा में कोई में भी संशोधन अथवा आदेश जारी करने का अधिकार नहीं है।  इस पूरे गम्भीर मामले को आयोग द्वारा आज की प्रोशिडिंग में सम्मिलित कर लिया गया है।

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