आयोग द्वारा फिक्सड चार्ज में बढ़ोत्तरी पर उपभोक्ता परिषद ने की लामबन्दी तेज

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  • गुपचुप तरीके से हाई प्रोफाइल बजाज ग्रुप की ललितपुर पावर जनरेशन कम्पनी के प्रोविजनल फिक्सड कास्ट पर ऊर्जा क्षेत्र में दिनभर मचा रहा हंगामा।
  • ऊर्जा मंत्री ने उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष को दिया आश्वासन सपा सरकार में लिये गये किसी भी गलत निर्णय के आधार पर उपभोक्ताओं के हितों पर नहीं होने पायेगा कुठाराघात, सरकार पूरे मामले पर गम्भीर उपभोक्ता हित में लिया जायेगा उचित निर्णय।
  • प्रमुख सचिव ऊर्जा ने भी पूरे मामले पर दिखाया सकारात्मक रूख
  • उपभोक्ता परिषद अपने रूख पर कायम पूरे मामले की सीबीआई अथवा सीएजी से करायी जाये जांच स्वतः होगा बड़ा खुलासा।
 
लखनऊ, 09 मार्च। बजाज ग्रुप की हाई प्रोफाइल ललितपुर पावर जनरेशन कम्पनी की 3 अलग अलग इकाइयों 660 मेगावाट कुल 1980 मेगावाट के मामले में गुपचुप तरीके से उप्र विद्युत नियामक आयोग द्वारा फिक्सड चार्ज में बढ़ोत्तरी किये जाने को लेकर जहां उपभोक्ता परिषद ने अपनी लामबन्दी तेज कर दी है, वहीं आयोग द्वारा जारी आदेश के बाद आज पूरे ऊर्जा सेक्टर में बजाज ग्रुप की ललितपुर इकाई में फिक्स्ड चार्ज रू0 1.88 प्रति यूनिट से बढ़ाकर एकाएक आयोग द्वारा रू0 2.24 प्रति यूनिट किये जाने को लेकर काफी हंगामा मचा रहा। गौरतलब है कि वर्ष 2015 में 11 हजार 581 करोड़ प्रोविजनल कास्ट पर प्रोविजनल फिक्स्ड चार्ज तय किया गया था और वर्तमान में 14 हजार 269 करोड़ प्रोविजनल कैपिटल कास्ट मानकर फिक्स्ड चार्ज तय किया गया है।
याचिका में आपत्तिकर्ता उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आज इस हाई प्रोफाइल मामले पर शक्ति भवन में अलग-अलग प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा व प्रमुख सचिव ऊर्जा से मुलाकात की। उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष द्वारा ऊर्जा मंत्री के सामने विस्तार से सभी तथ्य व साक्ष्य रखते हुए उन्हें यह बताया कि सपा सरकार में वर्ष 2015 में जब ललितपुर पावर जनरेशन कम्पनी की तीनों इकाई की कुल सीलिंग कैपिटल कास्ट रू0 16006 करोड़ पावर कार्पोरेशन व ललितपुर पावर जनरेशन की आपसी सहमति पर तय किया गया था, उस दौरान उपभोक्ता परिषद ने इस मामले पर कड़ा विरोध करते हुए नियामक आयोग के सामने यह तथ्य रखा था कि 8.08 करोड़ प्रति मेगावाट कैपिटल कास्ट तय करना पूरी तरह गलत है। जिस पर पावर कार्पोरेशन द्वारा एक 3 सदस्यीय कमेटी बनायी गयी थी, जिसकी रिर्पोट का खुलासा आज तक नहीं किया गया और उल्टे आयोग द्वारा गुपचुप तरीके से पूर्व में तय प्रोविजनल फिक्स्ड कास्ट से अलग पुनः 36 पैसे प्रति यूनिट बढ़ाकर प्रोविजनल फिक्स्ड कास्ट तय करना वह भी पिछली प्रथम इकाई लगने की तिथि से पूरी तरह उपभोक्ता विरोधी कार्यवाही को दर्शाता है। उपभोक्ता परिषद यह मांग करता है कि पावर कार्पोरेशन व उप्र सरकार द्वारा इस पूरे मामले के वित्तीय मानकों की सीएजी अथवा सीबीआई द्वारा जांच करायी जाये तो स्वतः सच्चाई का खुलासा हो जायेगा और सीलिंग कैपिटल कास्ट में हजारों करोड़ की कमी आ जायेगी। जिसका लाभ प्रदेश की जनता को मिलना तय है।
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा द्वारा पूरे मामले को विस्तार से सुनने के बाद उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष को यह आश्वासन दिया गया कि पिछली सपा सरकार में जो भी लिये गये गलत निर्णय के आधार पर वर्तमान में कार्यवाही की गयी है, उस पर सरकार पूरी तरह गम्भीर है। किसी भी सूरत में प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं के हितों पर कोई भी कुठाराघात नहीं कर पायेगा। सरकार इस पूरे मामले पर उपभोक्ता हित में उचित निर्णय लेगी। जिसमें उपभोक्ता के हित सर्वोपरि रखे जायेंगे।
उपभोक्त परिषद अध्यक्ष द्वारा प्रमुख सचिव ऊर्जा से मुलाकात के दौरान उन्हें भी सभी तथ्यों से अवगत कराते हुए पुरानी कार्यवाहियों के अभिलेख उनके सामने प्रस्तुत किये जिस पर उनके द्वारा सकारात्मक रूख अपनाते हुए उपभोक्ता हित में निर्णय लिये जाने की बात कही गयी।