- ऊर्जा मंत्री की पहल से जल्द ही प्रदेश के मल्टीस्टोरी काम्पलेक्सों में बिल्डरों के अनावश्यक उत्पीड़न से बिजली उपभोक्ता को मिलेगा छुटकारा, नया कानून बनने का रास्ता साफ आयोग के संशोधन रूपी कानूनी प्रस्ताव पर पावर कार्पोरेशन ने दी अपनी सहमति।
- उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष व रिव्यू पैनल के सदस्य ने किया ऐलान कल ही आयोग अध्यक्ष से मिलकर रिव्यू पैनल की बैठक जल्द बुलवाकर नया कानून बनाने की करेंगे मांग।
- ऊर्जा मंत्री की पहल के बाद पहला होगा ऐसा मामला जब बिजली कम्पनियों के प्रतिनिधि व उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष कानून बनाने की कमेटी में होंगे एक मत।
लखनऊ, 25 फरवरी। मल्टी स्टोरी काम्पलेक्सों में सिंगल प्वाइन्ट बिजली का कनेक्शन लेकर बिल्डरों द्वारा वहां पर रहने वाले उपभोक्ताओं का बड़े पैमाने पर शोषण किया जाता है। नियामक आयोग द्वारा तय टैरिफ से कई गुना अधिक उनसे वसूली की जाती है। नया कनेक्शन लेते समय उनसे हजारों रूपया अधिक ले लिया जाता है, लेकिन अब जो नया कानून बनने जा रहा है। उससे बिल्डर उपभोक्ताओं का उत्पीड़न नहीं कर पायेंगे। कानून बनाने की दिशा में नियामक आयोग द्वारा तैयार प्रस्ताव पर पावर कार्पोरेशन द्वारा अपनी सहमति आयोग को सौंप दी गयी है। विगत दिनों इस मुद्दे पर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा व उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा के बीच मुलाकात में उपभोक्ताओं की विभिन्न समस्या पर चर्चा के दौरान उपभोक्ता परिषद के अनुरोध को मानते हुए ऊर्जा मंत्री द्वारा स्वयं यह माना गया था कि बड़े पैमाने पर बिल्डर उपभोक्ताओं का उत्पीड़न कर रहे हैं।
उनके पास भी बड़ी संख्या में शिकायतें आयी हैं। ऊर्जा मंत्री द्वारा उसी दौरान यह ऐलान किया गया था कि जल्द मल्टीस्टोरी में उपभोक्ताओं का उत्पीड़न रोकने के लिये नया कानून बनवाया जायेगा। कानुन में यह भी प्राविधान होगा जिसमें पुराने मल्टीस्टोरी काम्पलेक्स में उपभोक्ताओं का उत्पीड़न न हो इसलिये उपभोक्ता बिजली विभाग से सीधे नया कनेक्शन ले सकेंगे, उसके लिये कुछ अलग तकनीकी परिवर्तन कर व्यवस्था सभी काम्पलेक्सों हेतु प्रस्तावित होगी।
उपभोक्ता परिषद ने इस मुद्दे को लगातार नियामक आयोग अध्यक्ष के सामने रखा जिस पर विगत कुछ दिन पहले नियामक आयोग द्वारा मल्टी स्टोरी काम्पलेक्स में बिल्डरों के उत्पीड़न से उपभोक्ताओं को निजात दिलाने के लिये एक प्रस्ताव तैयार किया था, जिस पर पावर कार्पोरेशन व बिजली कम्पनियों का अभिमत मांगा गया था।
परिणामतः ऊर्जा मंत्री की पहल काम आयी और उप्र पावर कार्पोरेशन की तरफ से नियामक आयोग के प्रस्ताव पर अपनी सकारात्मक संस्तुति आयोग को सौंप दी गयी है। अब जल्द ही आयोग द्वारा उस पर आम जनता का सुझाव लेकर नया कानून बना दिया जायेगा।
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व सप्लाई कोड रिव्यू पैनल के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं की तरफ से उपभोक्ता परिषद आयोग द्वारा मल्टीस्टोरी में संशोधन हेतु रिव्यू पैनल की बैठक में नया कानून बनवाने के लिये पूरी तरह तैयार है, जिस प्रकार से पूरे प्रदेश में मल्टीस्टोरी काम्पलेक्सों में बड़े पैमाने पर उपभोक्ताओं का शोषण हो रहा है। अविलम्ब उन्हें राहत देने के लिये कल ही उपभोक्ता परिषद नियामक आयोग अध्यक्ष से मिलकर जल्द रिव्यू पैनल की बैठक बुलाकर आवश्यक संशोधन कराकर नया कानून पारित कराने की मांग आयोग से करेगा। ऊर्जा मंत्री की पहल के बाद यह पहला ऐसा मामला होगा जब रिव्यू पैनल की बैठक में उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष व कम्पनियों की तरफ से पैनल में शामिल सदस्य होंगे एक मत और उम्मीद है निर्विरोध कानून बनाने का रास्ता होगा साफ।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा चाहे वह अधिक इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी उपभोक्ताओं को वापस दिलाने के लिये जल्द शासनादेश जारी करने का मामला हो, बुन्देलखण्ड के किसानों को राहत दिलाने का मामला हो या फिर अब मल्टीस्टोरी काम्पलेक्सों में उपभोक्ताओं के उत्पीड़न पर विराम लगाने का मामला हो सभी मुद्दों पर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा द्वारा जो सार्थक कदम उठाते हुए उपभोक्ताओं के हित में त्वरित निर्णय लिया गया है, निश्चित तौर पर वह सराहनीय है।







