- पावर कार्पोरेशन द्वारा दाखिल बुन्देलखण्ड के किसानों के बिजली दरों में राहत देने वाली याचिका पर नियामक आयोग ने सुनाया फैसला, 14 मार्च को होगी आयोग में आमजनता की सुनवाई
- उपभोक्ता परिषद ने पावर कार्पोरेशन की इस मुहीम का किया स्वागत आयोग अध्यक्ष एसके अग्रवाल से मिलकर उनके सामने रखे और राहत देने वाले अनेकों तथ्य
- बुन्देलखण्ड के किसानों की व्यथा एक रबी फसल पैदा करने के लिये साल भर टयूबेल पर देना पड़ता है फिक्स चार्ज अब उन्हें जल्द मिलेगी बड़ी राहत।
लखनऊ, 23 फरवरी। उप्र पावर कार्पोरेशन द्वारा बुन्देलखण्ड की किसानों की व्यथा को देखते हुये एक याचिका उप्र विद्युत नियामक आयोग में लगायी जिसमें पावर कार्पोरेशन ने अनुरोध किया था कि बुन्देलखण्ड के किसान केवल एक फसल (रबि) पैदा कर पाते है और जब वह टयूबेल का कनेक्शन ले लेते हैं तो उन्हें प्रति माह फिक्स चार्ज पूरे वर्ष देना पड़ता है अथवा टेम्परोरी कनेक्शन लेकर काम चलाना पड़ता है। जबकि उन्हें केवल जरूत 4 माह की होती है। इसके चलते किसानों को काफी दिक्कत होती है। इसलिये पावर कार्पोरेशन ने बुन्देलखण्ड के किसानों को सिजनल टैरिफ एलवी 5 में लागू करने की मांग उठाते हुये प्रस्ताव दिया है।
पावर कार्पोरेशन द्वारा यह मांग की गयी कि नवम्बर से फरवरी के 4 माह के बाद किसानों को 8 माह अक्टूबर से जनवरी तक छूट लागू की जाये। पावर कार्पोरेशन द्वारा दाखिल याचिका अभी जो अनमीटर्ड किसानों को 150प्रति हार्स प्रति माह देना पड़ता है। उसमें आठ महिनों के दौरान 50 प्रतिशत की छूट 75 हार्स पावर प्रति माह करने की मांग उठाई गयी और अगर किसान द्वारा मीटर स्थापित कराया गया है तो उसे 75 प्रतिशत छूट फिक्स चार्ज देने की बात कही गयी यानी की केवल उससे 25 प्रतिशत फिक्स चार्ज लिया जाये अभी मीटर्ड किसान 60 प्रतिहार्स प्रतिमाह देते हैं तो वह केवल 15 हार्स पावर प्रतिमाह देंगें का प्रस्ताव है, यदि कोई किसान टमपरेरी कृषि हेतु बुन्देलखण्ड क्षेत्र में लेगा तो उसे केवल 500 प्रतिहार्स पावर प्रतिमाह का प्रस्ताव है।
पावर कार्पोरेशन द्वारा दाखिल याचिका को नियामक आयोग द्वारा कुछ शर्तो के साथ स्वीकार करते हुये 7 दिन में पब्लिक नोटिस निकालकर 14 मार्च, 18 को आमजनमानस की सुनवाई के लिये आयोग अध्यक्ष द्वारा आदेश आज ही जारी कर दिया गया।
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि काफी लम्बे समय से उपभोक्ता परिषद इस मांग को उठाता रहा है विगत सप्ताह इस मुद्दे पर मा0 श्रीकान्त शर्मा, ऊर्जा मंत्री उप्र से भी उपभोक्ता परिषद ने यह मांग उठाई थी। उपभोक्ता परिषद ने कहा कि पावर कार्पोरेशन का यह निर्णय निश्चित ही साराहनीय है।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इस मुद्दे पर आज नियामक आयोग अध्यक्ष श्री एसके अग्रवाल से मुलाकत कर उनके सामने कुछ और सुझाव किसानों को राहत देने के लिये रखे है जिसपर उनके द्वारा यह आश्वासन दिया गया कि उपभोक्ता परिषद आम जन सुनवाई 14 मार्च को सभी मुद्दे उठाये आयोग उस पर उचित निर्णय लेते हुये किसानों को राहत देने पर विचार करेगा।







