सेालर की मंहगी दरों पर उपभोक्ता परिषद ने शुरू की घेराबन्दी

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  • उप्र कैबिनेट द्वारा (सेकी) से 750 मेगावाट सोलर पावर रू. 2.55 प्रति यूनिट में खरीदने की गारण्टी पर उपभोक्ता परिषद ने उप्र में सेालर की मंहगी दरों पर शुरू की घेराबन्दी
  • उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने नियामक आयोग अध्यक्ष से मुलाकात कर उठाया मुददा जब उप्र को रू0 2.55 प्रति यूनिट में मिल रही है सोलर की बिजली तो नियामक आयोग द्वारा तय की गयी निजी घरानों के सोलर की उच्च दरों पर पुनः आयोग करे विचार और कराये कमी
  • उपभोक्ता परिषद ने मुख्यमंत्री से सोलर की उच्च दरों पर कमी हेतु कदम उठाने की उठायी पुरजोर मांग
लखनऊ, 07 मार्च। उप्र कैबिनेट द्वारा कल सोलर एनर्जी कारपोरेशन आफ इण्डिया (सेकी) से 750 मेगावाट 25 वर्षों के लिये सोलर पावर रू. 2.55 प्रति यूनिट में राजस्थान में स्थापित सोलर पार्कों से उत्पादित होने वाली जो बिजली खरीदने के लिये गारण्टी दी गयी है उससे अब यह सिद्ध हो गया है कि पूरे देश में सोलर पावर की दरें काफी निचले स्तर पर आ गयी हैं और सहजता में सस्ती दरों पर उपलब्ध है। सरकार द्वारा रू. 2.55 प्रति यूनिट में सोलर की बिजली की गारण्टी दिये जाने के निर्णय के बाद उपभोक्ता परिषद ने मंहगी सोलर पावर की दरों के खिलाफ फिर एक बार मोर्चा खोलते हुये सभी पुराने अनुबन्ध के आधार पर तय की गयी अधिक दरों को संशोधित कर कम दर पर लाने की मांग उठायी है। उपभोक्ता परिषद ने प्रदेश के =मुख्यमंत्री जी से भी यह मांग उठायी है कि उप्र में निजी घरानों के उत्पादन गृहों से मंहगी तय सोलर की दरों पर पुनर्विचार कर उसमें कमी कराने के लिये अविलम्ब उपभोक्ता हित में कदम उठाने की जरूरत है। इसके लिये सरकार पावर कारपोरेशन को अविलम्ब निर्देश दे।
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इस संबंध में आज नियामक आयोग के अध्यक्ष श्री एस के अग्रवाल से मुलाकात कर उनके सामने यह तथ्य रखे कि उपभोक्ता परिषद लगातार आयोग से मांग उठा रहा था कि पूरे देश में सस्ती दरों पर सोलर की बिजली उपलब्ध है, मंहगी दरों पर सोलर का अनुमोदन न दिया जायें इसके बावजूद भी मंहगी दरें तय की गयीं। ऐसे में उप्र में विगत में जो लगभग रू. 9 प्रति यूनिट से लेकर अलग अलग रू. 7.02 प्रति यूनिट व रू. 5.07 प्रति यूनिट की सोलर की दरों पर आयोग द्वारा हरी झंडी दी गयी है। उस पर अविलम्ब पूनर्विचार किया जाना चाहिये। उप्र में इतनी मंहगी दरों पर सोलर से बिजली खरीद निजी घरानों से करना प्रदेश की जनता के साथ बडा विश्वासघात होगा। ऐसे में आयेाग को पूर्व में तय की गयी अधिकतम दरों पर विचार करना चाहिये।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा कि उप्र सरकार की भी यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वह पावर कारपोरेशन को पूरे मामले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल करने के लिये आदेशित करे जिस प्रकार से पूर्व में पावर कारपोरेशन द्वारा सोलर की उच्च दरों पर आयोग में अपनी मूक सहमति दी गयी वह अपने आप में चौकाने वाला था। जब पावर कारपोरेशन द्वारा उप्र में चल रहे थर्मल उत्पादन गृह बजाज एनर्जी के एग्रीमेन्ट को निरस्तीकरण का नोटिस देकर अन्ततः उससे लगभग 46 पैसे प्रति यूनिट दरों में कटौती करा ली तो ऐसे में वर्तमान में पूरे देश में जब सोलर पावर की प्रचलित मार्केट दरें रू0  2.44 से रू0 2.55 के बीच आ रही है। फिर ऐसे में उप्र में सेालर की जो दरें रू. 9 प्रति यूनिट से रू. 5.07 प्रति यूनिट अपने आप में सवाल खडा कर रही हैं। वहीं सबसे बडा सवाल यह है कि उप्र सरकार के निर्देश पर नेडा द्वारा जो सौर ऊर्जा झाॅंसी और मथुरा स्थापित की गयी है उसकी भी दरें रू. 5.28 प्रति यूनिट के बीच जा रही है जो उप्र में सोलर की अधिक दरों पर बडा खुलासा है।