- बजाज ग्रुप की ललितपुर पावर जनरेशन कम्पनी की फिक्स्ड कास्ट में बढ़ोत्तरी के मुद्दे पर उपभोक्ता परिषद ने पावर कारपोरेशन की पुनर्विचार याचिका के समर्थन में दाखिल की आपत्तियां
- उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने नियामक आयोग अध्यक्ष एसके अग्रवाल से मिलकर सौंपी आपत्तियाॅं बढ़ी दरों को जनहित में खारिज करने की उठायी माॅंग।
- बजाज ग्रुप की ललितपुर पावर जनरेशन कम्पनी की सीलिंग कैपिटल कास्ट रू. 16006 करोड़ व प्रोविजनल कैपिटल कास्ट रू. 14916 करोड़ पर उठाया सवाल कहा इसकी हो गहन जाॅंच।
लखनऊ, 16 मार्च। बजाज ग्रुप की हाईपोफाइल ललितपुर पावर जनरेशन कम्पनी की तीन अलग-अलग इकाइयों कुल 1980 मैगावाट के मामले में उप्र विद्युत नियामक आयोग द्वारा विगत सप्ताह फिक्स्ड चार्ज में 36 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोत्तरी की गयी थी, यानि की रू. 1.88 प्रतियूनिट से रू0 2.24 प्रतियूनिट जिसके विरूद्ध उप्र पावर कारपोरेषन द्वारा नियामक आयोग में पुनर्विचार याचिका दाखिल कर बढ़ी दर का विरोध किया गया है। उपभोक्ता परिषद आयोग द्वारा आदेश जारी होने के बाद पूरे मामले को माननीय ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा व प्रमुख सचिव, ऊर्जा से मिलकर उनके सामने उठा चुका है और अन्ततः उसकी लामबन्दी काम आयी क्यांेकि बढ़ी दरें यदि परिवर्तित होंगी तो उसका लाभ प्रदेश की जनता को मिलेगा।
बजाज ग्रुप की याचिका में आपत्तिकर्ता राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष, अवधेश कुमार वर्मा ने आज विद्युत नियामक आयोग के चेयरमैन श्री एसके अग्रवाल से मिलकर पावर कारपोरेशन के समर्थन में अपनी आपत्तियां दाखिल कर दीं। यह पहला मौका जब पावर कारपोरेशन व उपभोक्ता परिषद एकसाथ खड़े दिखेंगे। उपभोक्ता परिषद द्वारा दाखिल आपत्तियों में सबसे बड़ा सवाल यह उठाया गया है कि समाजवादी सरकार में पावर कारपोरेशन व ललितपुर पावर जनरेशन के बीज जो सीलिंग कैपिटल कास्ट रू. 16006 करोड़ पर जो आपसी सहमति बना ली गयी थी उसकी जाॅंच कराने की मांग करते हुए यह मुद्दा उठाया गया है कि उपभोक्ता परिषद के विरोध के बाद इस मामले में वर्ष 2015 में पावर कारपोरेशन द्वारा तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गयी थी उसकी रिपोर्ट का अविलम्ब आयोग खुलासा कराये। जब तक सीलिंग कैपिटल कास्ट व बजाज गु्रप द्वारा पुनः प्रस्तावित प्रोविजनल कास्ट रू. 14916 करोड़ जो बिना जाॅंच-पड़ताल किये उस पर दरेें तय की गयी है वह पूरी तरह से न्यायोचित नहीं है। चूंकि आयोग द्वारा रू0 14916 करोड़ को आधार मानकर दरों में 36 पैसा की वृद्धि की गयी है, इस लिए उस पर पुनर्विचार किये जाने की आवश्यकता है और यह पूरी तरह उचित होगा कि उसकी बढ़ी दरों को खारिज किया जाये और बजाज द्वारा प्रस्तावित प्रोविजनल कैपिटल कास्ट सीलिंग कैपिटल कास्ट के सभी वित्तीय मानकों की जाॅंच-पड़ताल आयोग करा लें।
आयोग अध्यक्ष श्री एसके अग्रवाल द्वारा उपभोक्ता परिषद द्वारा दाखिल आपत्ति को मूल याचिका में सम्मिलित करने का आदेश दे दिया गया है और उनके द्वारा उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष को यह आश्वासन दिया गया है कि पुनर्विचार याचिका की सुनवाई के दौरान उपभोक्ता परिषद की आपत्तियों पर आयोग पूरी तरह से विचार करेगा।







