Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Thursday, April 30
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग

    प्रचंड की जीत पर नेपाल में बबाल

    ShagunBy ShagunMay 25, 2024Updated:May 25, 2024 ब्लॉग No Comments5 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 1,483

    डॉ दिलीप अग्निहोत्री

    नेपाल में संसदीय व्यवस्था है। इसमे सदन का बहुमत ही महत्वपूर्ण होता है। सरकार का अस्तित्व बहुमत पर आधारित होता है। नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्पकमल दहल ‘प्रचंड’ ने संसद से चौथी बार विश्वास का मत हासिल किया है। लेकिन लोकतन्त्र की सफलता इतने मात्र से प्रमाणित नहीं होती। नेपाल की सरकार ने सदन में बहुमत साबित किया। लेकिन सड़क पर उसके प्रति लगातर अविश्वास बढ़ रहा रहा है। घोटालों के आरोप से सरकार की छवि धूमिल हो चुकी है। विपक्षी दलों के हंगामें और नारेबाजी के बीच प्रधानमंत्री प्रचंड ने विश्वास का मत हासिल किया।

    प्रधानमंत्री पुष्पकमल दहल प्रचंड ने संसद में विश्वास मत हासिल करने के लिए प्रस्ताव पेश किया। गतिरोध के बीच मतदान कराया गया। विपक्षी दलों में नेपाली कांग्रेस, राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी, जनता समाजवादी पार्टी नेपाल, लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी ने मतदान प्रकिया का बहिष्कार किया। प्रधानमंत्री प्रचंड के पक्ष में मतदान करने वालों में उनकी पार्टी माओवादी के बत्तीस नेकपा एमाले के पछहत्तर, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के इक्कीस,एकीकृत समाजवादी पार्टी के दस, जनमत पार्टी के छह नागरिक उन्मुक्ति पार्टी के तीन और कुछ अन्य छोटे दलों के सांसद शामिल हैं।

    जिन पार्टियों ने प्रधानमंत्री को सरकार बचाने में सहयोग किया, उन्होंने भी अपनी आपत्ति दर्ज़ कराई है। मतलब सरकार का समर्थन करने वाले भी उससे खुश नही हैं। ऐसे दल सरकार पर दबाव बना रहे हैं। प्रधानमंत्री किसी भी तरह अपनी सरकार को बचाने में लगे है। यही उनका एकमात्र एजेंडा रह गया है। सड़क पर लोगो सरकार के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। सत्तारूढ़ गठबंधन के प्रमुख घटक दल एकीकृत समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष माधव कुमार नेपाल ने कहा है कि गठबंधन में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। पार्टी के केन्द्रीय कमेटी की बैठक में माधव नेपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री प्रचंड और केपी शर्मा ओली की तरफ से गठबंधन धर्म का पालन नहीं किया जा रहा है। जनता समाजवादी पार्टी के विभाजन के लिए प्रधानमंत्री प्रचंड और ओली को दोषी बताता गया था। प्रधानमंत्री पार अपने ही सत्तारूढ़ घटक दल का विभाजन करवाकर मंत्रियों को बाहर निकालने के आरोप है।

    नेपाल के सत्तारूढ़ गठबंधन में असंतोष बढ़ता जा रहा है। सरकार के घटक दल ही इस गठबंधन के बारे में विरोधी बयान देने लगे हैं। एक सत्तारूढ़ दल का विभाजन होने के बाद अब दूसरे एकीकृत समाजवादी पार्टी ने सरकार से समर्थन वापस लेने का संकेत दिया। सत्ता पक्ष ने अपने ही गठबंधन की एक प्रदेश सरकार गिरा दी है। मधेश प्रदेश में जनता समाजवादी पार्टी नेपाल के नेतृत्व में बनी सरकार से सत्ता में शामिल माओवादी और एमाले ने समर्थन वापस ले लिया है।

    समर्थन वापसी के कारण अपनी सरकार गिरने पर जसपा नेपाल के अध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने इसे विश्वासघात बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार में शामिल प्रमुख घटक दल होने के बावजूद प्रधानमंत्री ने पहले उनकी अनुपस्थिति में पार्टी में विभाजन करवाया और उसके बाद आज एक प्रदेश में रही सरकार को गिरा दिया। उपेन्द्र ने इसे प्रधानमंत्री प्रचंड की राजनीतिक बेइमानी करार दिया है। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल के इस्तीफे की मांग को लेकर डॉ. गोविंद केसी पशुपतिनाथ मंदिर क्षेत्र में आमरण अनशन कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री प्रचण्ड को युद्ध अपराधी घोषित करने की मांग की है। कहा गया कि सशस्त्र संघर्ष के दौरान मानवता विरोधी, जघन्य अपराधों और युद्ध अपराधों में शामिल एक प्रमुख नेता के रूप में अपनी स्थिति के कारण प्रचंड को प्रधानमंत्री पद से तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। सरकार के तरफ से यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि संक्रमणकालीन न्याय की प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो और इस तरह से पूरी की जाए कि पीड़ितों को न्याय का एहसास हो। लेकिन जब युद्ध अपराधी जब सत्ता का नेतृत्व कर रहा हो तो उससे न्याय की अपेक्षा नहीं की जा सकती है। सशस्त्र द्वंद्व काल के समय पीडित लाखों नेपाली जनता आज भी न्याय का इंतजार कर रही है और युद्ध अपराध करने वाले सत्ता में बैठ कर पीडित के साथ अन्याय कर रहे हैं।

    प्रधानमंत्री प्रचण्ड अपनी सत्ता बचाने के लिए विभिन्न हथकंडा अपना रहे हैं जिससे देश में राजनीतिक अस्थिरता आ गई है। उन्होंने कहा कि सरकार के संरक्षण में ही भ्रष्टाचार फल-फूल रहा है। जनता बुनियादी सुविधा के लिए भी तरस रही है। सरकार संस्थागत रूप से भ्रष्टाचार में लिप्त है। देश में करोडों अरबों रूपए के भ्रष्टाचार का दिन प्रतिदिन खुलासा हो रहा है। सरकार भ्रष्टाचारियों का समर्थन ही नहीं कर ररी है बल्कि उनका संरक्षण भी कर रही है। सहकारी घोटाले की जांच के लिए संसदीय समिति की मांग पर सदन से लेकर सड़क तक सरकार को घेरा जा रहा है। शुरुआत में सत्तापक्ष के साथ संसदीय जांच समिति पर सहमति हो गई थी। लेकिन सदन में गृहमंत्री के बयान से माहौल और अधिक बिगड़ गया है। नेपाल में विपक्षी दल गृहमंत्री लामिछाने को संसद के बजट सत्र में अपना पक्ष रखने देने के लिए तैयार हो गए थे। सहकारी घोटाले में अपनी संलिप्तता के आरोप गृह मंत्री लामिछाने पर हैं। सहकारी घोटाला कांड में फंसे नेपाल के उपप्रधानमंत्री तथा गृहमंत्री रवि लामिछाने के इस्तीफे की मांग जोर पकड़ रही है। रवि लामिछाने के खिलाफ विपक्ष ने कांग्रेस संसद के दोनों सदनों से लेकर सड़क तक मोर्चा खोल दिया है।

    Shagun

    Keep Reading

    Trump's Bold Claim, Iran's Sharp Response: Strait of Hormuz Closed Again; Firm Denial on Uranium

    अमेरिकी नाकाबंदी से ईरान पर दबाव बढ़ा, लेकिन रूस का समर्थन: ‘ईरान को सैन्य धमकियों से नहीं डराया जा सकता’

    Parents have been subjected to such manipulation for a very long time—it is simply that awareness has increased now.

    खेल तो पेरेंट्स के साथ बहुत पहले से होता आया है -जागरूकता अब बढ़ी

    ‘टीएमसी-मुक्त बंगाल’ का बड़ा ऐलान! योगी आदित्यनाथ बोले : अब विकास की राह में बाधा डालने वाली TMC को उखाड़ फेंकने का सही समय आ गया

    100 years of glorious journey! The Local Fund Audit Department celebrates its centenary.

    100 साल की गौरवपूर्ण यात्रा! स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग ने मनाई शताब्दी

    The residents of Banda are filled with pride upon seeing Banda's name ranked among the very best in the world!

    विश्व में बांदा का अव्वल दर्जे में नाम देख गर्व में बांदावासी!

    Pakistan Becomes a ‘Headache’ for the US! Major Revelations in US Report Despite Friendship Under the Trump Administration; Setback in Iran Peace Talks as Well.

    पाकिस्तान अमेरिका के लिए ‘सिरदर्द’ बन गया! ट्रंप प्रशासन में दोस्ती के बावजूद अमेरिकी रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, ईरान शांति वार्ता में भी झटका

    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Deepika Padukone in Action Mode Even During Pregnancy, Set to Shine in ‘Raaka’

    ‘राका’ में दीपिका पादुकोण को मिला पावरफुल रोल

    April 29, 2026
    936 Youths Receive Appointment Letters in UP Police; Declare: "Yogi Has Broken the Back of Corruption!"

    यूपी पुलिस में 936 युवाओं को मिले नियुक्ति पत्र, बोले- योगी ने तोड़ी भ्रष्टाचार की कमर!

    April 29, 2026
    Early Detection of Oral Cancer via AI: Recognized by the Government of India!

    एआई से ओरल कैंसर की शुरुआती पहचान, भारत सरकार ने दी मान्यता!

    April 29, 2026
    Nepal's Luxury Weddings Are Now the Top Choice for Delhi's Wedding Planners!

    नेपाल की लग्ज़री शादियाँ अब दिल्ली के वेडिंग प्लानर्स की पहली पसंद!

    April 29, 2026
    June-like Scorching Heat Grips UP in April Itself; Mercury Soars Past 47°C as Hospitals Swarm with Heatstroke Patients

    यूपी में अप्रैल में ही जून जैसी भीषण गर्मी, पारा 47°C के पार; अस्पतालों में हीट स्ट्रोक मरीजों की भीड़

    April 28, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading