‘तम्बाकू मुक्त लखनऊ’ अभियान में विद्यार्थी और युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं- राज्यपाल

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लखनऊ: 31 जुलाई 2017, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक ने आज गांधी भवन सभागार में विनोबा सेवा आश्रम द्वारा ‘टोबैको फ्री लखनऊ’ अभियान का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर विधान सभा अध्यक्ष श्री हृदय नारायण दीक्षित, अध्यक्ष गांधी स्वाध्याय केन्द्र श्री राम प्यारे त्रिवेदी, कैम्पेन फाॅर टोबैको फ्री किड्स वाशिगंटन संस्था के अध्यक्ष श्री मैथ्यू एल. मायर्स, साउथ एशिया की निदेशक सुश्री वंदना शाह, जमनालाल बजाज पुरस्कार से सम्मानित श्रीमती विमला सहित अन्य गणमान्य नागरिक व छात्र-छात्रायें उपस्थित थीं।
राज्यपाल ने ‘टोबैको फ्री लखनऊ’ अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा कि सब मिलकर लखनऊ को तम्बाकू मुक्त बनाने का संकल्प लें। लखनऊ देश की सांस्कृतिक राजधानी है। सांस्कृतिक नगरी लखनऊ तम्बाकू मुक्त होगी तो यह संदेश जायेगा कि जब लखनऊ तम्बाकू मुक्त हो सकता है तो उत्तर प्रदेश भी हो सकता है और जब उत्तर प्रदेश तम्बाकू मुक्त हो सकता है तो पूरा देश तम्बाकू मुक्त हो सकता है। तम्बाकू के प्रयोग को रोकने के लिए केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं है। लोगों का प्रबोधन जरूरी है। तम्बाकू से स्वयं के साथ-साथ परिवार और समाज का भी नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि तम्बाकू मुक्ति के लिए बच्चों में अच्छे संस्कार डालें।
श्री नाईक ने आचार्य विनोबा भावे को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने आचार्य विनोबा भावे को देखा भी है और उनके प्रवचन को सुना भी है। विनोबा भावे ने ‘भूदान’ आन्दोलन के माध्यम से देश का परिवर्तन किया है। केन्द्र सरकार ने तम्बाकू के नुकसानदेह प्रभावों और दूसरों के धुंए से बचाने के लिए भारत में ‘सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पाद कानून (सीओटीपीए) कोटपा 2003’ लागू किया गया था। राज्यपाल ने तम्बाकू को लेकर अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि जब वे रेल मंत्री थे तो उन्होंने प्लेटफार्म पर बीड़ी, सिगरेट की बिक्री पर पाबंदी लगाने का कानून बनाया था। मुंबई में लगभग 76 लाख लोग रेल से सफर करते हैं। बीड़ी-सिगरेट से महिलाओं व दूसरे सहयात्रियों को दिक्कत होती थी। उन्होंने कहा कि तम्बाकू के प्रयोग से कैंसर रोग में वुद्धि हुई है।
राज्यपाल ने समारोह में बांटी गयी प्रचार सामग्री जिस पर लिखा हुआ था कि ड्रीम फाॅर टोबैको फ्री लखनऊ, को पूर्व राष्ट्रपति डाॅ. कलाम के कथन से जोड़ते हुए कहा कि डाॅ. कलाम ने कहा था सपने वो होते हैं जो पूरा होने से पहले आपको सोने न दें। उन्होंने कहा कि तम्बाकू मुक्त लखनऊ बनाने के लिए विनोबा सेवा आश्रम द्वारा जो सपना देखा गया है, लक्ष्य जब तक पूरा न हो जाए तब तक अभियान को निरन्तर जारी रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस अभियान में विद्यार्थी और युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
विधान सभा अध्यक्ष श्री हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि तम्बाकू मुक्त लखनऊ एक बड़ा विषय है जिस पर विनोबा सेवा आश्रम द्वारा चर्चा की जा रही है। भारतीय संस्कृति में जागरण पर बहुत जोर दिया गया है। उन्होंने जागरण को जागरूकता का विषय बताते हुए कहा कि समाज में तम्बाकू के प्रयोग के प्रति उदासीनता है जो विचार का विषय है। हर व्यक्ति तम्बाकू के दुष्परिणाम को जानता है लेकिन उससे छुटकारा नहीं पा पाता। उन्होंने कहा कि तम्बाकू का प्रयोग लोक जागरण से जुड़ा मामला है जिसका समाधान समाज ही निकाल सकता है।
कैम्पेन फाॅर टोबैको फ्री किड्स वाशिगंटन संस्था के अध्यक्ष श्री मैथ्यू एल. मायर्स ने कहा कि तम्बाकू प्रयोग के नियंत्रण के लिए मजबूत नेतृत्व की आवश्यकता है। विश्व में 70 लाख लोग कैंसर से प्रतिवर्ष मृत्यु को प्राप्त होते हैं जिसमें केवल भारत में 10 लाख लोग शामिल हैं। भारत बदल रहा है। तम्बाकू मुक्ति को बदलाव का मुद्दा बनाकर आगे लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि तम्बाकू मुक्त समाज के लिए जनता की सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
कार्यक्रम में अन्य लोगों ने भी अपने विचार रखे।

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