चनऊ महासभा ने अधिकार रैली में उठाया एनेक्सचर वन की मांग
पटना, 20 नवम्बर 2018: राजधानी पटना के बापू सभागार में आज अखिल भारतीय चनऊ महासभा द्वारा अधिकार रैली का आयोजन किया गया, जिसमें चनऊ समाज को एनेक्सचर वन में शामिल करने की मांग प्रमुखता से उठी। चनऊ समाज का इतिहास जुझारू है। इस जाति के लोगों की बहुलता मुख्यतः पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, गोपालगंज, छपरा, भागलपुर और सीतामढ़ी में है। बिना चनऊ समाज के समर्थन से इन चारों जिलों में किसी भी दल या नेता का चुनाव जीतना सम्भव नहीं है। बावजूद इसके न तो आज तक इस समाज को सत्ता में भागीदारी मिली है और न ही राजनीतिक महत्व। चनऊ समाज के साथ हमेशा से भेदभाव किया जाता रहा, जो सरासर नाइंसाफ़ी है। चनऊ समाज अब इसको बर्दाशत नहीं करेगा और अपनी हक की मांग के लिए लड़ाई लड़ेगी
चनऊ महासभा की इस रैली की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष पंचायती राज राजद कृष्णानंद सिंह ने कहा कि चनऊ समाज की उपेक्षा अब बहुत हो गयी। संख्या बल के हिसाब से भी हम निर्णायक स्थिति में हैं, लेकिन फिर भी हमारे समाज के लोगों को आज तक न तो किसी राजनीतिक दल में प्रदेश स्तर पर कोई महत्वपूर्ण पद दिया जाता है और न ही को जिम्मेदारी। हम प्रदेश की राजनीति में सबसे ज्यादा उपेक्षित हैं, जो कि साफ तौर पर अन्याय है। सभी दलों ने सिर्फ वोट के लिए हमारा इस्तेमाल किया और चुनाव जितने के बाद यूज़ एंड थ्रो वाला हाल कर दिया।
रैली में जदयू के पूर्व विधायक प्रभात रंजन सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष पंचायती राज पुलिस जिला बगहा कृष्णानंद सिंह के अलावा राम इकबाल राय क्रांति – जिला अध्यक्ष शिवहर, राजकुमार सिन्हा – उत्तरप्रदेश, अनिल सिन्हा – पूर्वी चंपारण, प्रो. राजकुमार सिंह – शिवहर, प्रेम सिंह – जिलाध्यक्ष जदयू किसान प्रकोष्ठ बगहा,राम सिंह – पश्चिम चंपारण, रामेश्वर सिंह पूर्व मुखिया – सिनकौली, पूर्वी चंपारण, मनोज सिंह मुखिया – शिवहर, बच्चा सिंह,डबलू सिंह, हिमांशु सिंह, विनय कुमार सिंह, कामेश्वर सिंह मुखिया, पंकज सिंह, चंद्रिका सिंह पूर्व मुखिया, अशोक सिंह और हरिशंकर सिंह समेत बड़ी संख्या में चनऊ समाज के लोग शामिल हुए।







