- धानुक-कुर्मी एकता मंच बिहार को देगा नया विकल्प
- सरकार पर नहीं रहा विश्वास, सम्मान और स्वाभिमान सम्मेलन में जुटे हजारों लोग
पटना, 02 नवंबर 2018: पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आज धानुक-कुर्मी एकता मंच के तत्वावधान में सम्मान स्वाभिमान सम्मेलन का आयोजन किया गया। समारोह में प्रदेश भर से हजारों की संख्या में धानुक-कुर्मी समाज के लोग मौजूद थे। सम्मान स्वाभिमान सम्मेलन को संबोधित करते हुए धानुक-कुर्मी एकता मंच की कोर कमेटी के वरिष्ठ सदस्य और समाजसेवी अनिल कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 13 वर्षों में समाज के विकास का कोई काम नहीं किया गया। चुनाव में समाज के लोगों ने नीतीश कुमार का हरसंभव सहयोग किया, लेकिन मुख्यमंत्री ने समाज को बंधुआ समझ लिया। अब समाज ठगा हुआ महसूस कर रहा है।
उन्होंने कहा कि 1994 में गांधी मैदान में हुई कुर्मी चेतना रैली की बुनियाद पर नीतीश कुमार को राजनीति करने का बड़ा मंच मिला। सरकार की नीतियों से आहत समाज फिर से नया नेता पैदा कर सकता है, नया विकल्प खड़ा कर सकता है। श्री कुमार ने कहा कि सरकार पर अब धानुक-कुर्मी समाज को विश्वास नहीं है, प्रशासन पर भरोसा नहीं है। सासाराम, सहरसा, खगडि़या, शेखपुरा में समाज के लोगों को प्रताडि़त किया गया। ऐसी घटनाएं राज्यभर में हो रही हैं। इसी प्रताड़ना के खिलाफ धानुक-कुर्मी एकता मंच का गठन किया गया है। सरकार के मुखिया से त्रस्त लोग एकजुट हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन सम्मान और स्वाभिमान के लिए है। प्रदेश में समाज की आबादी 14 प्रतिशत है, लेकिन लोकसभा और विधान सभा में हमारा प्रतिनिधित्व काफी कम है। उन्होंने कहा कि एकता मंच एक बड़ा आंदोलन भी खड़ा करेगा।
धानुक-कुर्मी एकता मंच के अध्यक्ष जितेंद्र नाथ ने कहा कि समाज के लोग सरकार से निराश हैं। सरकार उनकी अपेक्षाओं को पूरा नहीं कर पा रही है। इससे गुस्सा भी दिखने लगा है। उन्होंने कहा कि समाज अब नये राजनीतिक विकल्प के लिए तैयार है और अपनी नीतियों की घोषणा जल्द ही करेगी।






