विदेश में विधानसभा अध्यक्ष की पुस्तक का विमोचन

0
49
उत्तर प्रदेश विधान सभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित भारतीय दर्शन और संविधान के प्रतिष्ठित विद्वान है। यूरोप की सभ्यता संस्कृति पर भी उनका व्यापक अध्ययन है। ऐसे में उनकी यूरोप भी विशिष्ट रही। विधायी प्रतिनिधिमंडल पहले भी विदेश यात्रा पर जाते रहे है। लेकिन दीक्षित की यात्रा उन सबसे अलग थी। इसमें विदेशी मेजबानों के साथ संविधान, विधायी प्रक्रिया के साथ साथ सभ्यता और संस्कृति पर भी गहन चर्चा हुई। हृदयनारायण दीक्षित ने अपने ज्ञान से सबको प्रभावित किया।वह कामन वेल्थ पालिर्यामेंट्री कांफ्रेन्स में भाग लेने गए।
चौबीस से उनतीस सितम्बर तक युगांडा में सम्मलेन चलेगा। भारतीय प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला कर रहे है। इसके पहले हृदयनारायण दीक्षित के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधिमंडल प्री-कांफ्रेंस स्टडी टूर के लिए लंदन-नीदरलैंड गया। बाइस सितम्बर को हाउस ऑफ़ कामन्स के भारतीय मूल के सांसदों से होगी मुलाकात मुलाकात में बेहतर संवाद कायम हुआ। दीक्षित ने भारतीय विधायी प्रक्रिया और विकास पर जानकारी दी। हाउस ऑफ़ कामन्स की कार्य प्रणाली का अध्ययन किया गया। वैसे हृदयनारायण दीक्षित कॉमनवेल्थ देशों की विधायी प्रक्रिया को बखूबी समझते है। इसका उन्होंने तुलनात्मक अध्य्यन किया है।
नीदरलैंड की राजधानी हेग में हृदय नारायण दीक्षित द्वारा हिन्दी में लिखित पुस्तक के इंग्लिश संस्करण द वे इंडिया थिंक्स का लोकार्पण किया गया। यह पुस्तक मूल रूप से हिन्दी में सोचने की भारतीय दृष्टि नाम से भी लिखी गयी है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सोचने की भारतीय दृष्टि में देश की सीमा का बंधन नहीं है। सनातन और अद्युनातन का द्वंद्व भी नहीं रहा। भारतीय सोच परंपरा में अंतरिक्ष तक को समेटा गया है। यहां निरपेक्ष सत्य को सोच का केन्द्र बनाया गया है। सोचने की भारतीय दृष्टि में विश्व एक इकाई है। वहां क्षेत्रियता अथवा सामायिकता या देशगत, कालगत सीमा के बंधन नहीं है। सारी सोच लोक मंगल अभीप्सु है। ऋग्वेद, उपनिषद एवं अन्य वैदिक ग्रन्थों के संदर्भ देते हुये कहा कि भारतीय चिंतन की समग्र दृष्टि है। इस पुस्तक के माध्यम से भारतीय सोच के बारे में देश और दुनिया को बताने का एक सार्थक प्रयास किया गया है।
उन्होंने कहा कि मुझे कल्पना भी नहीं थीं कि पुस्तक के विमोचन के समय इतने लोग एकत्र होकर भारतीय संस्कृति सभ्यता व ऋग्वैदिक कालीन विषयों को जानने व समझने के लिए इतनी रूचि का प्रदर्शन करेंगे है।
नीदरलैंड में भारतीय राजदूत बीनू राजा मुनि ने कहा कि श्री दीक्षित जी एक महान राजनीतिज्ञ एवं लेखक है। उन्होंने प्रतिनिधि मण्डल के साथ डच संसद में राजनेताओं से मिलकर भारतीय संसद, विधान सभा की कार्यप्रणाली के साथ-साथ भारतीय ज्ञान विज्ञान, सोच-विचार, भारतीय संस्कृति व दर्शन पद्वति के बारे में विचार विमर्श किया। श्री दीक्षित के साथ विधान सभा के प्रमुख सचिव  प्रदीप कुमार और विशेष कार्याधिकारी पंकज मिश्र भी गए है।
डॉ दिलीप अग्निहोत्री

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here