नई दिल्ली : ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों को सीधे खारिज करते हुए करारा झटका दिया है। ट्रंप ने सुबह दावा किया कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य बिना शर्त खोल दिया और समृद्ध यूरेनियम अमेरिका को सौंपने को तैयार है, लेकिन ईरान ने इसे झूठ बताते हुए सख्ती दिखाई।
ट्रंप ने क्या कहा? (सुबह 9:00 बजे के आसपास),
ट्रंप ने सोशल मीडिया और बयानों में दावा किया:
- ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य बिना किसी शर्त पूरी तरह खोल दिया है और इसे कभी बंद नहीं करेगा।
- ईरान अमेरिका को अपना समृद्ध यूरेनियम सौंप देगा (“USA will get all the nuclear dust”)।
- ट्रंप ने इसे “ब्रिलिएंट डे” और “ग्रेट डेवलपमेंट” बताया तथा कहा कि ईरान ने लगभग सब कुछ मान लिया है।

ईरान का फौरन और सख्त जवाब (10:15 बजे के आसपास)
- ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अन्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया:होर्मुज केवल लेबनान में युद्धविराम की अवधि के लिए और ईरान द्वारा निर्धारित समन्वित मार्ग पर वाणिज्यिक जहाजों के लिए खोला गया था , यह बिना शर्त नहीं है।
- समृद्ध यूरेनियम ईरान के लिए पवित्र है। इसे कहीं भी, किसी भी देश (खासकर अमेरिका) को हस्तांतरित नहीं किया जाएगा।
- ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माइल बगाए ने कहा कि “ट्रांसफर कभी विकल्प में भी नहीं था।”
- अगर अमेरिका अपनी नौसेना नाकाबंदी (नेवल ब्लॉकेड) नहीं हटाता, तो ईरान होर्मुज को फिर से बंद कर देगा।
- ईरान युद्धविराम के किसी भी उल्लंघन पर कड़ी नजर रख रहा है।
बाद में ईरान ने होर्मुज पर प्रतिबंध फिर लगा दिए और अमेरिकी ब्लॉकेड को युद्धविराम उल्लंघन बताया। IRGC गनबोट्स ने कुछ टैंकरों पर गोलीबारी भी की।
क्या हुआ वास्तव में?
होर्मुज का स्टेटस: ईरान ने इसे अस्थायी और शर्तों के साथ (लेबनान ceasefire तक) खोला था। ट्रंप ने इसे “पूर्ण, बिना शर्त और कभी बंद न होने” वाला बता दिया, जो ईरान ने खारिज कर दिया। कुछ घंटों बाद ईरान ने फिर से सख्ती कर दी। वास्तव में स्ट्रेट पूरी तरह खुला नहीं था; केवल सीमित वाणिज्यिक जहाजों को नियंत्रित रूट पर अनुमति थी।
- समृद्ध यूरेनियम: ट्रंप का दावा कि ईरान इसे अमेरिका को सौंपने या संयुक्त रूप से निकालने को तैयार है. पूरी तरह झूठा।
- ईरान ने बार-बार इनकार किया। कोई नया समझौता नहीं हुआ।
- दोनों पक्ष अभी भी बातचीत कर रहे हैं, लेकिन ट्रंप ने ब्लॉकेड जारी रखने की घोषणा कर दी, जबकि ईरान इसे ceasefire का उल्लंघन मान रहा है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह घटना?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के तेल व्यापार का करीब 20% हिस्सा संभालता है। इसका खुलना-बंद होना ग्लोबल ऑयल प्राइस पर सीधा असर डालता है। दोनों नेताओं के बयानों से साफ है कि अभी कोई पूरा समझौता नहीं हुआ, दोनों अपनी-अपनी जीत बता रहे हैं, जबकि हकीकत में तनाव और भ्रम बरकरार है।
बता दें कि ट्रंप अक्सर बड़े दावे करते हैं, और ईरान हर बार उन्हें अतिरंजित या झूठ बताकर जवाब देता है। यह सिलसिला जारी है। आगे की बातचीत इस सप्ताहांत हो सकती है, लेकिन दोनों तरफ सख्त रुख दिख रहा है।






