सब-हेडिंग 1: एक दिन पहले खोला, अब सख्त नियंत्रण में वापसी
नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर चरम पर! ईरान ने मात्र 24 घंटे पहले होर्मुज जलडमरूमध्य को सीमित रूप से खोलने की घोषणा की, लेकिन अमेरिकी नाकेबंदी के जवाब में शनिवार को उसे फिर पूरी तरह बंद कर दिया। ईरानी गनबोट्स ने दो भारतीय झंडे वाले जहाजों जिसमें जग अरनव (लगभग 20 लाख बैरल इराकी कच्चा तेल ले जा रहा) और संमार हेराल्ड पर फायरिंग कर दी, जिससे दोनों जहाजों को अपना रास्ता बदलकर वापस लौटना पड़ा।
वैश्विक तेल आपूर्ति का प्रमुख चोक पॉइंट होर्मुज अब फिर से बंद होने से ऊर्जा बाजार में हलचल मच गई है, जबकि भारत ने ईरान के राजदूत को तलब कर कड़ी आपत्ति दर्ज की। ट्रंप का अनिश्चित रुख और ईरान की चेतावनी के बीच क्षेत्रीय स्थिरता पर गहरा संकट छा गया है।
बता दें कि शनिवार को ईरान ने सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से बंद करने का बड़ा ऐलान कर दिया। मात्र 24 घंटे पहले ईरान ने इसे सीमित रूप से खोलने की घोषणा की थी, लेकिन अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों पर लगाई जा रही नाकेबंदी के जवाब में तेहरान ने सख्ती दिखाते हुए जलडमरूमध्य पर अपना पूरा नियंत्रण वापस ले लिया। ईरानी राज्य मीडिया (IRIB) ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के हवाले से बताया कि जब तक अमेरिका अपनी नाकेबंदी नहीं हटाएगा, जलमार्ग बंद रहेगा।
भारतीय जहाजों पर फायरिंग, दोनों जहाजों को लौटना पड़ा
तनाव चरम पर पहुंच गया जब ईरानी गनबोट्स ने होर्मुज से गुजर रहे दो भारतीय झंडे वाले जहाजों पर फायरिंग कर दी। जग अरनव (Jag Arnav) पर गोलीबारी हुई, जो लगभग 20 लाख बैरल इराकी कच्चा तेल ले जा रहा था।
दूसरा जहाज सanmar हेराल्ड (Sanmar Herald) पास में था।
दोनों जहाजों को अपना रास्ता बदलकर वापस लौटना पड़ा। कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन घटना ने वैश्विक तेल आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बढ़ा दी है। भारत सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए ईरान के राजदूत को तलब किया और कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।
अमेरिका-ईरान तनाव और ट्रंप का अनिश्चित रुख
ईरान की संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर ग़लीबाफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनके कई दावे झूठे साबित हुए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका नाकेबंदी जारी रखा तो ईरान को और सख्त कदम उठाने पड़ सकते हैं।
दूसरी ओर, राष्ट्रपति ट्रंप ने 14 दिन के युद्धविराम (सीजफायर) को आगे बढ़ाने पर अनिश्चय जताया। एयरफोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा, “अगर तय समय तक कोई समझौता नहीं हुआ तो शायद हम इसे आगे नहीं बढ़ाएंगे।” अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि नाकेबंदी शुरू होने के बाद कई जहाजों को ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने से रोका गया है।
वैश्विक स्तर पर पड़ रहा प्रभाव और बढ़ती जा रही चिंता
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के तेल व्यापार का प्रमुख चोक पॉइंट है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ईरान-अमेरिका के बीच यह नया टकराव न केवल क्षेत्रीय स्थिरता बल्कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार को भी प्रभावित कर रहा है।
विश्लेषक मान रहे हैं कि मौजूदा युद्धविराम की समयसीमा खत्म होने से पहले दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक प्रयास तेज हो सकते हैं, लेकिन होर्मुज पर बढ़ता तनाव किसी भी समय स्थिति को और बिगाड़ सकता है।
बता दें कि यह घटनाक्रम पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीदों को एक बार फिर चुनौती दे रहा है। जिससे स्थिति एक बार फिर बिगड़ सकती है। फिलहाल आगे की खबर के लिए बने रहे।






