लोकसभा में फिर उठ गया बीबीएयू के कुलपति के भ्रस्टाचार का मुद्दा

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भ्रस्टाचार के खिलाफ सांसद की जंग

लखनऊ, 03 अगस्त 2018। बीबीएयू के कुलपति के खिलाफ कार्रवाई न होते देख आज मिश्रिख से सांसद डॉ अंजुबाला ने लोकसभा में उनके भ्रस्टाचार का मुद्दा उठा दिया। जिसमें उन्होंने कुलपति के दोहरे वेतन पाने के मामले में भी सवाल किया। उन्होंने पूछा कि इस प्रकार उच्च पद पर बैठकर सरकारी धन का गबन करने वाले को पद से कब तक हटाकर उसके विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।

बता दें कि सांसद डॉ अंजुबाला बीबीएयू की पूर्व बॉम सदस्य और उत्तर प्रदेश के मिश्रिख से सांसद भी हैं उन्होंने बीबीएयू में व्याप्त भ्रस्टाचार के मुद्दे को शुरू से ही संज्ञान में लेती रही हैं। उन्होंने आज फिर बीबीएयू के कुलपति प्रो आर सी सोबती के खिलाफ प्रश्नों को लोकसभा में उठाया।

उन्होंने जो प्रश्न लोकसभा में पूछे वह निम्नलिखित हैं-

बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय लखनऊ के कुलपति के ऊपर पेंशन और वेतन दोनों का अनुचित लाभ साथ-साथ लेने का प्रकरण मानवसंसाधन मंत्रालय ने पकड़ा और 7th जून 2018 को लगभग 80 लाख की रिकवरी के आदेश विश्वविद्यालय को दिया। परन्तु अभी तक इस सरकारी धन की रिकवरी विश्वविद्यालय द्वारा नहीं हो रही है।

अतः यह बताने का कष्ट करें की
[1 ] अनुचित रूप से लिए इस सरकारी धन की रिकवरी कबतक शुरू होगी और
[२] इस प्रकार उच्च पद पर बैठ कर सरकारी धन का गबन करने वाले को पद से कब तक हटा कर उसके विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।

[3] बीबीएयू प्रशासन ने MHRD से डॉ अम्बेडकर भवन को डॉ अम्बेडकर जी के नाम पर संग्रालय बनाने के लिए फण्ड लिया था। लेकिन कुलपति प्रो सोबती जी ने अम्बेडकर भवन के निर्माण पूरा न होने के बावजूद प्रशासनिक भवन बनाकर कब्जा कर लिया। जिसके बारे में माननीय सांसद ने पहले भी लोकसभा स्पीकर और महामहिम राष्ट्रपति जी को सूचित कर दिया था।

ज्ञात हो कि सांसद व पूर्व सदस्य बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट (BoM) ने कुलपति प्रोफेसर के भ्रष्टाचार के खिलाफ पहले ही कई सारे सबूत MHRD को दिए हैं लेकिन अभी तक सरकार ने कुलपति के खिलाफ अभी तक कोई दंडनात्मक कार्यवाही नही की है।

सूत्रों ने बताया कि इससे पहले भी सांसद डॉ अंजुबाला जी ने विवि में हुई नियुक्तियों की अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाई थी लेकिन कुलपति ने मनमानी करके नियुक्तियां नियमों के विरुध्द कर दीं थी।

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