भिखारी ठाकुर के बगैर भोजपुरी की बात बेइमानी : नंद किशोर यादव

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  • लो‍क गायिका कल्‍पना का अलबम ‘द लगेसी ऑफ भिखारी ठाकुर -2’ का हुआ विमोचन
  • भिखारी ठाकुर आश्रम, कुतुबपुर के जीर्णोद्धार के लिए कल्‍पना ने दिया दो लाख का चेक

पटना, 28 दिसम्बर 2018: भोजपुरी के लीजेंड भिखारी ठाकुर पर बनी लोक गायिका सह भाजपा नेत्री कल्‍पना पटवारी के अलबम ‘द लगेसी ऑफ भिखारी ठाकुर – 2’ का विमोचन आज पटना स्थिति विद्यापति भवन में बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव, कृषि मंत्री डॉ प्रेम कुमार और भाजपा के संगठन महामंत्री नागेंद्र जी के हाथों हुआ। इस मौके पर खुद कल्‍पना पटवारी और अलबम के लिविंग लीजेंड 109 वर्षीय रामाग्‍या राम भी मौजूद रहे। भाजपा कला सांस्‍कृति प्रकोष्‍ठ द्वारा आयोजित इस सांस्‍कृतिक संध्‍या की विधिवत शुरूआत दीप प्रज्‍ज्‍वलन के साथ हुई।

इस दौरान अपने संबोधन में मंत्री नंद किशोर यादव ने कहा कि भिखारी ठाकुर के बगैर भोजपुरी की बात बेइमानी होगी। भोजपुरी और भिखारी ठाकुर का संबंध चोली – दामन का है। महा पंडित राहुल सांस्‍कृत्‍यायन ने भिखारी ठाकुर को शेक्‍सपीयर तक कह दिया था। इसलिए आज जरूरत है उनकी विरासत को संवारने – संभालने की, जिसके प्रति सरकार सजग है। साथ ही पार्श्‍व गायिका कल्‍पना पटवारी का इस दिशा में किया गया काम सरहानीय है। वहीं, कल्‍पना ने कहा कि जिस भोजपुरी को भिखारी ठाकुर जैसे कलाकारों ने अंतर्राष्‍ट्रीय पहचान दिलाई, उसी भोजपुरी को अपने ही राज्‍य में बोली से भाषा बनने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

कल्‍पना ने कहा कि भिखारी ठाकुर को शेक्‍सपीयर तो कहा जाता है, लेकिन क्‍या हम सही मायनों में उन्‍हें शेक्‍सपीयर का सम्‍मान दे पा रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि जब तक भोजपुरी को पूर्ण भाषा का दर्जा नहीं मिल जाता, तब तक हम भिखारी ठाकुर श्रद्धांजलि नहीं दे पायेंगे। वहीं, कल्‍पना पटवारी और भाजपा कला सांस्‍कृति प्रकोष्‍ठ की ओर से भिखारी ठाकुर आश्रम, कुतुबपुर के जीर्णोद्धार के लिए दो लाख का चेक भी प्रदान किया गया। ताकि भिखारी ठाकुर के कुतुबपुर आश्रम को एक हेरिटेज के रूप में विकसित कर वर्तमान व आने वाली पीढियों को उनसे जानने – सीखने का मौका मिल सके।

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