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महिषासुरमर्दनी

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मातृ रूप शक्ति रूप
दिव्य रूप नवमीं
दीनन पर दया करो
महिषासुरमर्दनी।।
भटक रहे निराधार
आशंकित मन विचार
संबल कोई मिले
नैया तब लगे पार
व्यथित मन की पुकार
कृपा करो जननी।
महिषासुरमर्दनी-
-दिलीप अग्निहोत्री

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