बिजली पानी या सड़क, सबका बंटाधार

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किसको चिट्ठी भेज दें, किससे करें गुहार।
बिजली पानी या सड़क, सबका बंटाधार।।
सबका बंटाधार, राजधानी पर भारी,
सरकारों का पाप, भोगती जनता सारी,
सबकी बोलती बंद, गुम हुई सिट्टी-पिट्टी।
किस से शिकवा करें, भेज दें किसको चिट्ठी।।

-सीएम त्रिपाठी

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