योग्यता
बहुत सी परिभाषाओं की तरह
अब योग्यता की परिभाषा भी बदल चुकी थी
अब योग्य होने का मतलब यह था
कि आप एक अयोग्य के लिए
खुद को योग्य साबित करें
एक ताकतवर आदमी
जब घोड़े को गधा कहे
तो सहमति में सिर हिला देने भर से
काम नहीं चलेगा
आपको इतिहास से कुछ ऐसे दृष्टांत ढूंढने होंगे
जब घोड़ों ने गधों वाले काम किए
कई घोड़े ऐसे समय बिदके
जब घुड़सवार निर्णायक हमला करने ही वाला था
वह मारा गया मुफ्त में
अगर ऐसे प्रसंग न भी मिलें तो कोई बात नहीं
आप खुद ही गढ़ें ऐसे किस्से और उन्हें
पूरे आत्मविश्वास के साथ पेश करें
यही तो योग्यता है कि कैसे एक बकवास
बना दी जाए इतिहास।
- संजय कुंदन के फेसबुक से साभार







