- राष्ट्रीय पुस्तक मेला रवीन्द्रालय चारबाग: सातवां दिवस
- काव्य समारोहों के संग नीरज को देखा गया ‘दिल की कलम से’
लखनऊ, 11 सितम्बर 2018: न तो कला की कोई सीमा है और साहित्य की। साहित्य और कला के रिश्ते बहुत गहरे हैं। नये संदर्भों में इसे आज की पीढ़ी के लिए समझना आवश्यक है। इन अंतर्सम्बंधों का खुलासा करती किताबें रवीन्द्रालय लाॅन चारबाग में चल रहे राष्ट्रीय पुस्तक मेले में सहज ही पुस्तक प्रेमियों को उपलब्ध हैं। सुबह 11 से रात नौ बजे तक जारी निःशुल्क प्रवेश वाले इस राष्ट्रीय पुस्तक मेले में सभी ग्राहकों को पुस्तकों पर न्यूनतम 10 प्रतिशत की छूट मिल रही है। यह मेला हिन्दी दिवस 14 सितम्बर तक चलेगा।
खुले गर्म-नर्म मौसम में सातवें दिन शाम को पुस्तक मेले में खासी रौनक दिखाई दी। यहां कला विषयों पर किताबें तो लगभग हर स्टाल में मिल जाएंगी पर विधि बुक्स के स्टाल पर पाली पेण्टिंग्स, टैक्सटाइल आफ इण्डिया-तानाबाना, टैगोर की पेण्टिंग्स की पुस्तक, एलिफैण्ट किंगडम, थ्रेड्स आफ आइडेण्टिटी और इण्डियन एथनिक डिज़ाइन्स जैसी बहुत सी किताबें हैं।
आकाशवाणी के स्टाल पर बड़े गुलाम अली खां, भारतरत्न बिस्मिल्लाह खां, बेगम अख्तर, वीडी पलुस्कर जैसे दिग्गज कलाकारों के बीच मन्ना डे मेले में कुछ नई आमद भी दिखाई दे रही है। इसमें कथा सरिता सीरीज की पहली कड़ी में इस्मत चुगताई, राजेन्द्र सिंह बेदी, निर्मल वर्मा, राजेन्द्र यादव, गीतांजलि श्री, गुलशेर खां शानी और विष्णु प्रभाकर की कहानियों से सजी सीडी है। इसके अलावा बाबा नार्जाजुन शीर्षित नागार्जुन की साहित्यिक यात्रा, हिन्दी व बांग्ला कविता पाठ, संस्मरणों और केके नैयर के लिए इंटरव्यू की सीडी और व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई की व्यंग्यवाताओं और भेंटवार्ता की सीडी भी अहम दस्तावेज है।
पुस्तक मेले में 12 सितम्बर 2018
पूर्वाह्न 11.00 बजे – अभा साहित्य परिषद की काव्यगोष्ठी
अपराह्न 3.30 बजे – सुन्दरम साहित्य संस्थान का सम्मान व काव्य समारोह
शाम 5.30 बजे – महेन्द्र भीष्म व पायल किन्नर की प्रस्तुति- पिता
शाम 7.00 बजे – प्रशासनिक अधिकारियों का कवि सम्मेलन






