खीस निपोरे बोलिए, जी हुजूर-सरकार

0
496

खीस निपोरे बोलिए, जी हुजूर-सरकार।
नेताजी अब आइए, फिर जनता के द्वार।।
फिर जनता के द्वार, लगाओ अपनी बोली,
मांगो फिर वरदान, चलो फैलाओ झोली,
हुलिया करके टंच, बोल में मसका घोरे।
फिर जनता के द्वार, आइए खीस निपोरे।।

  • सी. एम. त्रिपाठी

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here