किताबों के मेले में शहर के रचनाकारों की चर्चा

0
586
  • राष्ट्रीय पुस्तक मेला रवीन्द्रालय चारबाग: चौथा दिन
  • साहित्य वार्षिकी से लेकर कविता कहानी और बहुत कुछ
लखनऊ, 8 सितम्बर। तहजीब के जिस शहर के रचनाकारों अमृतलाल नागर, यशपाल, भगवतीचरण वर्मा, श्रीलाल शुक्ल, कामतानाथ, मुद्राराक्षस जैसे अनेक का साहित्य जगत में आज तक राज कायम है। इनके साथ ही और भी अनेक रचनाकारों ने पुस्तक और साहित्य जगत में अपना नाम बनाया है।
यहां रवीन्द्रालय लाॅन चारबाग में 14 सितम्बर तक चलने वाले राष्ट्रीय पुस्तक मेले में पुस्तक प्रेमी शहर के बहुत से रचनाकारों से उनकी किताबों के जरिए रूबरू हो सकते हैं तो बहुत से रचनाकारों से साहित्यक मंच पर जीवंत साक्षात्कार कर सकते हैं। सुबह 11 से रात नौ बजे तक चल रहे इस मेले में सभी ग्राहकों को पुस्तकों पर न्यूनतम 10 प्रतिशत की छूट मिल रही है।
मेले में मनसा पब्लिकेशन के स्टाल संख्या 26 पर शहर के बहुत से रचनाकारों की किताबें हैं। सुधा आदेश की वीरान खण्डहर के संग कई किताबें हैं। इण्डिया इनसाइड की साहित्य वार्षिकी-2018 चर्चा का विषय है। राजेश अरोरा शलभ की फुर्सत नहीं हैं के अलावा राग सरकारी जैसी कई व्यंग्य पुस्तकें हैं। योगेश प्रवीन की पीली कोठी, विद्या वाजपेयी का संग्रह लोकगीत, व नवनीत मिश्र की येही वेही भी ध्यान खींचती है। यहां रामप्रकाश शुक्ल प्रकाश की, प्रमोद श्रीवास्तव, सुधा शुक्ला, अपूर्वा अवस्थी, नीलम सिंह, डा.अल्पना अनुकृति, जीपी त्रिपाठी, अरविंद मिश्र, ओपी श्रीवास्तव, श्यामकुमारी, अलका प्रमोद, अजयकुमार मिश्र, शारदालाल, नजर द्विवेदी, विनोद सक्सेना, अनिता ललित, अरुण भदौरिया सहित अनेक लेखकों के उपन्यास, कथा व काव्य संग्रह सहित अन्य विषयों की किताबें हैं।
खास बात यह कि यहां किताबों पर न्यूनतम 10 से 50 प्रतिशत तक छूट मिल रही है। शहर के प्रख्यात रचनाकारों की किताबें प्रमुख प्रकाशकों के यहां हैं तो सुभाष पुस्तक भण्डार के स्टाल पर लखनऊ वांग्मय निधि के 20 रुपये प्रति पुस्तक के हिसाब से 40 किताबों के सेट के अलावा संन्यासी योद्धा, हैशटैग आशिकी, पृथ्वी के छोर पर, दि पण्डितजी जैसी स्थानीय रचनाकारों की चर्चित किताबें हैं।
पुस्तक मेले में  – 9 सितम्बर 2018
पूर्वाह्न 11.00 बजे – नवांकुर काव्य प्रतियोगिता
अपराह्न 3.30 बजे – अमृतायन की ओर से काव्य संगोष्ठी व पुस्तक लोकार्पण
शाम 5.30 बजे – संजय जयसवाल, डा.डीएस शुक्ला, रजनी गुप्त आदि कथाकारों द्वारा कहानी पाठ
शाम 7.00 बजे – बाल व युवा कलाकारों की नाट्य प्रस्तुति 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here