Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Wednesday, August 12
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग

    कायरो में भारतीय निशानियाँ

    By February 26, 2018 ब्लॉग No Comments5 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 839

    पंकज चतुर्वेदी

    इजिप्ट यानि मिस्र की राजधानी काहिरा या कायरो अरब – दुनिया का सबसे बड़ा शहर है, नब्बे लाख से अधिक आबादी का, यहाँ इसाईओं की बड़ी आबादी है, कोई बारह फीसदी, लेकिन हिन्दू-सिख-जैन-बौध अर्थात भारतीय मूल के धर्म अनुयायी दिखते नहीं हैं, या तो नौकरी करने वाले या फिर अस्थायी रूप से लिखने-पढने आये लोग हैं इसके आलावा गैर मुस्लिम-ईसाई मिलते हैं , ऐसा नहीं कि वहां हिन्दू धर्म के बारे में अनभिज्ञता है. वहां हिंदी फ़िल्में बेहद लोकप्रिय हैं और हर दूसरा आदमी यह जानने को जिज्ञासु रहता है कि हिन्दू महिलाएं बिंदी या मांग क्यों भरती हैं, भारत का भोजन या संस्कार क्या-क्या हैं। एक युवा ऐसा भी मिलने आया कि उसके परबाबा सिख थे और काम के सिलसिले में मिस्र आये थे, यहाँ उन्होंने इस्लाम ग्रहण कर लिया। एक युवा ऐसा भी मिला जिसका नाम नेहरु अहमद गांधी है, इसके बाबा का नाम गांधी है और बाबा ने ही भारत के प्रति दीवानगी के चलते अपने पोते का नाम नेहरु रखा। इजिप्ट की राजधानी कायरो के नए बने उपनगर हेलियोपोलिस में एक हिन्दू मंदिर की संरचना और ग्यारवीं सदी के पुराने सलाउद्दीन के किले यानि सीटा ड़ेल में गुरु नानकदेव के प्रवचन देने और ठहरने की कहानियाँ यहाँ भारतीय धर्म- आध्यात्म के चिन्हों को ज़िंदा रखे हैं।

    सीटादेल
    सीटादेल का किला

    हेलियोपोलिस में मुख्य मार्ग, जिसे वहां रिंग रोड भी कहते हैं ; पर एक विशाल संरचना हिन्दू मंदिर जैसा भवन दिखता है , असल में यह मंदिर नहीं है,यह एक बड़े ठेकेदार और व्यापारी द्वारा बनवाया गया उसका आवास था, इसे ले कर काहिरा में कई अफवाहें हैं,- इसे लोग भुतहा महल मानते हैं, इसमें बुरी आत्माओं का वास, अशगुन आदि कहा जाता है और आज इसमें कोई जाता नहीं हैं , हालांकि इन दिनों मिस्र की सरकार इसकी मरम्मत करवा रही हैं।

    इस स्थान को “बेरोंन इम्पेन पेलेस या ला पलासिया हिन्दुओ ” कहते हैं एडवर्ड लुईस जोजेफ एम्पेन ( 1852-1929 एक स्कूल मास्टर का सौतेला बेटा था , वह अपनी काबिलियत के बल पर यूरोप का सबसे बड़ा निर्माण ठेकेदार बना, उसने बेल्जियम और फ़्रांस में रेलवे लाइन बिछायी और पेरिस मेट्रो का डिजाईन भी उन्ही का था।

    1905 के आसपास वह काहिरा में रेलवे लाइन के ठेके के लिए आया, ठेका उसके हाथ लगा नहीं, फिर उसने पुराने काहिरा से कोई दस किलोमीटर दूर रेगिस्तान में एक अत्याधुनिक शहर “हेलियोपोलिस ” का निर्माण शुरू किया, इसमें बिजली, पानी कि सप्लाई, सीवर, पार्क आदि थे , तभी सने अपने निवास के लिए फ्रांस के मशहूर आर्किटेक अलेक्जेंडर मार्कल को काम सौंपा, सन 1907 से 1911 के बीच इसे एक हिन्दू मंदिर की तरह निर्मित किया गया, इसमें कृष्ण, शिव, सर्प, गज, गरुड़ आदि की प्रतिमायें गढ़ी गयी, कलाकार इंडोनेशिया से बुलाये गए थे। लाल पत्थर से निरिमित यह तीन मंजिला शानदार इमारत कई साल तक लुईस जोजेफ एम्पेन और उनके बेटे का घर रही, प्रथम विश्व युध्ध से पहले बेल्जियम के किंक एडवर्ड और रानी भी यहाँ आ कर रुके थे, सन 1957 में सऊदी अरबिया के निवासी एलेक्स्जेक और रेडा ने इसे ख़रीदा लेकिन तब से यह बियावान हैं।

    इस स्थान पर गुरु महाराज ठहरे थे

    आज इसमें चमगादड़, आवारा कुत्ते ही रह गए हैं हालांकि इसके सौ साल होने पर मिस्र के संस्कृति मंत्रालय ने एक आयोजन भी किया था . अभी इसकी मरम्मत का कार्य शुरू हुआ है, कहा जा रहा है कि यहाँ सरकार एक संग्रहालय शुरू कर सकती हैं , बहरहाल , इसे मंदिर मत मानना लेकिन इसमें मंदिर दिखेगा जरुर. काश भारत सरकार इस स्थान को ले कर यहाँ भारतीय आध्यात्म, धर्म का संग्रहालय बना ले, क्योंकि कायरो में सारी दुनिया के पर्यटक आते हैं और जाहिर है कि यह स्थान उन्हें भारत की और प्रेरित करेगा।

    गुरु नानक देव भी काहिरा, मिस्र आये थे लेकिन आज उनकी स्मृति के कोई निशाँ नहीं हैं, सन 1519 में कर्बला, अजारा होते हुए नानक जी और भाई मर्दाना कैकई नामक आधुनिक शहर में रुके थे, यह मिस्र का आज का काहिरा या कायरो ही है, उस समय यहाँ का राजा सुल्तान माहिरी करू था, जो खुद गुरु जी से मिलने आया था और उन्हें अपने महल में ठहराया था, पहले विश्व युध्ध में सूडान लड़ने गयी भारतीय फौज कि सिख रेजिमेंट के 20 सैनिक उस स्थान पर गए भी थे जहां गुरु महाराज ठहरे थे, कहते हैं कि यह स्थान आज के मशहूर पर्यटन स्थल सीटादेल के करीब मुहम्मद अली मस्जिद के पास कहीं राज महल में है, इस महल को सुरक्षा की द्रष्टि से आम लोगों के लिए बंद किया हुआ है, इसमें एक चबूतरा है जिसे – “अल-वली-नानक” कहते हैं, यहीं पर गुरु नानक ने अरबी में कीर्तन और प्रवचन किया था . सीटाडेल में इस समय किले के बड़े हिस्से को बंद किया हुआ है.

    यहाँ पुलिस और फौज के दफ्तर हैं किले के बड़े हिस्से को सेना, पुलिस और जेल के म्यूजियम में बदल दिया गया है. भारत, सिख मत और गुरु नानक देव की स्मृतियों के लिहाज से यह बेहद महत्वपूर्ण स्थान अहि और भारत सरकार को इस स्थान पर गुरु नानक देव के स्थल पर विशेष प्रदर्शनी के लिए इजिप्ट सरकार से बात करनी ही होगी, जब इजिप्ट सरकार को महसूस होगा कि इससे सिख पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तो निश्चित ही वह इसके लिए तैयार होगी, क्योंकि इजिप्ट की अर्थ व्यवस्था का आधार पर्यटन ही हैं . काश भारत सरकार इजिप्त सरकार से बात कर इसे सिखों के पवित्र स्थल के रूप में स्थापित करने के लिए कार्यवाही करें।

    हालाँकि कायोर के मौलाना आजाद भारतीय सांस्क्रतिक केंद्र में हिंदी प्रशिक्षण कार्यक्रम और एनी गतिविधियों के जरिये बहुत से लोग भारत से जुड़े हैं, अल अज़हर यूनिवर्सिटी में भी भारत के सैंकड़ों छात्र हैं , लेकिन अभी यहाँ भारतीयता के लिए कुछ और किया जाना अनिवार्य है, वर्ना मिस्र की नयी पीढ़ी भारत को महज फिल्मों या टीवी सीरियल के माध्यम से अपभ्रंश के रूप में ही पहचानेगी।

    .लेखक वरिष्ठ पत्रकार है

    Keep Reading

    Maa Khaira Bhavani had appeared in the form of a divine beam of light.

    ज्योति पुंज के रूप में प्रकट हुईं थीं माँ खैरा भवानी

    Is God helpless, or is it our understanding? A new theory of hurt sentiments.

    ईश्वर असहाय या हमारी समझ? आहत भावनाओं की नई थ्योरी

    People grappling with the unending problem of adulteration.

    मिलावट की अंतहीन समस्या से झूझते लोग

    दोस्त : इस ज़माने में दोस्ती ले – दे के बची है थोड़ी-बहुत

    India's Golden Burst at the Commonwealth Games: Boxing Makes History, Neeraj Shines Again

    कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का स्वर्णिम धमाका: मुक्केबाजी ने रचा इतिहास, नीरज ने फिर कमाल दिखाया

    India's Glorious Performance: Historic 'Golden Double' and Silver in Judo; Lovpreet Wins Silver in Weightlifting

    भारत का गौरवमयी प्रदर्शन: जूडो में ऐतिहासिक ‘गोल्डन डबल’ और सिल्वर, वेटलिफ्टिंग में लवप्रीत का सिल्वर

    Comments are closed.

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    UP's stellar performance on GeM: Three national awards alongside ₹1 lakh crore in procurement.

    जेम पर यूपी का शानदार प्रदर्शन, ₹1 लाख करोड़ खरीद के साथ तीन राष्ट्रीय पुरस्कार

    August 11, 2026
    Rajasthani Film ‘Omlo’ Makes Waves on OTT, Reaches 120+ Countries and Claims No. 1 Spot

    राजस्थानी फिल्म ‘ओमलो’ का ओटीटी पर जलवा, 120 देशों तक पहुंची कहानी

    August 11, 2026
    The Mystery of Lord Shiva's Rudra Form: When Peace Becomes a Support for Unrighteousness

    भगवान शिव के रूद्र रूप का रहस्य: जब शांति अधर्म का सहारा बने

    August 11, 2026
    A courtroom battle of truth, power, and conspiracy—‘Article 25’ is ready.

    सच, सत्ता और साजिश की कोर्टरूम जंग -‘आर्टिकल 25’ तैयार

    August 10, 2026

    स्पाइडर-मैन की आंधी में भी कायम रहा ‘दिल दीवाना हो गया’ का जादू

    August 10, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading