फिल्म रिव्यु : अमिताभ श्रीवास्तव
यश चोपड़ा ने बड़ी मेहनत से नाम और पैसा कमाया था, यशराज फिल्म्स का मज़बूत बैनर स्थापित किया था। आदित्य चोपड़ा ने अपनी लगातार नासमझी से करोड़ों रुपये तो डुबोए ही हैं, अपने पिता के नाम पर स्थापित फिल्म निर्माण कंपनी की साख पर भी बट्टा लगा दिया है। अपनी पत्नी रानी मुखर्जी को फिर से फिल्मों में जमाने के लिए मर्दानी 2 और बंटी और बबली 2 बनाई। दोनों डूब गईं। अक्षय कुमार को लेकर सम्राट पृथ्वीराज और रनवीर सिंह को लेकर जयेश भाई ज़ोरदार बनाई। दोनों फ्लॉप रहीं। अब रनबीर कपूर की शमशेरा भी धराशायी हो गई है। अभिनेताओं से ज्यादा कंपनी ख़तरे में है।
रनबीर के करियर की शुरुआत संजय लीला भंसाली के निर्देशन में साँवरिया से हुई थी जो फ्लॉप रही थी। पहली ही फिल्म फ्लॉप होने बावजूद रनबीर अपने अच्छे अभिनय और कपूर ख़ानदान के नाम की वजह से जमे रहे और अच्छी और हिट फिल्में दीं। लेकिन अभिनव कश्यप की बेशरम , करन जौहर की बॉम्बे वेल्वेट, इम्तियाज़ अली की तमाशा और अनुराग बासु की जग्गा जासूस के बाद उनकी ताज़ा फिल्म शमशेरा भी तगडी फ्लॉप गिनी जाएगी। तमाशा और जग्गा जासूस में उनके काम की तारीफ़ हुई थी।
दर्शकों का मूड देखते हुए बहुत मुमकिन है सितंबर में आने वाली उनकी अगली फिल्म ब्रह्मास्त्र का हाल भी अच्छा न हो। हालांकि ब्रह्मास्त्र रनबीर के भरोसेमंद निर्देशक और दोस्त अयान मुखर्जी की फिल्म है जिन्होंने रनबीर को लेकर दो हिट फिल्में – वेक अप सिड और ये जवानी है दीवानी – बनाई हैं। रनबीर की ही तरह अयान को भी सिनेमा घुट्टी में मिला है। उनके पिता देव मुखर्जी हिंदी फिल्मों के हीरो रह चुके हैं जो बहुत कामयाब नहीं हुए। हालांकि अयान के दादा शशधर मुखर्जी हिंदी सिनेमा के बहुत कामयाब प्रोड्यूसर थे जिनकी पत्नी यानी अयान की दादी दिग्गज अभिनेता अशोक कुमार की बहन थीं।







