गरिमा कला
आज की हमारी तनाव से भरी आधुनिक जीवनशैली ने बच्चों की याददाश्त पर बहुत बुरा असर डाला है। जरूरत से अधिक पढ़ाई का बोझ, मां-बाप की अपेक्षाओं का दबाव, अरुचिपूर्ण कार्य, जंक एवं फास्ट फूड कल्चर, भय, घबराहट तथा पर्याप्त शारीरिक व्यायाम में कमी आदि ने उनके चेहरे की मासूमियत खिलखिलाहट तथा बचपन को छीन लिया है।
रोज पन्द्रह से बीस मिनट तक योग की सरल क्रियाओं के अभ्यास से उनके जीवन में बचपन फिर से वापस आ सकता है। साथ में यदि थोड़ा-सा खानपान पर भी ध्यान दिया जाए तो उनकी स्मरण शक्ति में कई गुना बढ़ोतरी हो जाती है। ये व्यायाम बच्चों की जीवनशैली का हिस्सा बनें इसके लिए आपको भी मेहनत करनी होगी।

याददाश्त बढ़ाने के लिए हर दिन 3 से 5 मिनट तक उज्जयी प्राणायाम का अभ्यास करना चाहिए। इसकी विधि इस प्रकार है-
पालथी मारकर सीधा कर बैठ जाइए। आंखों को बंद कर नाक से एक गहरी तथा धीमी श्वास लीजिए। यह क्रिया 3 से 5 मिनट तक दोहराएं।
ध्यान लगाएं
मानसिक तनाव, चिंता, बोझ, उदासी, अरुचि, ऊब तथा मन की चंचलता को मिटाने के लिए ध्यान बहुत अच्छी दवा है। इसके लिए बस 5 मिनट पालथी मारकर बैठ जाइए। आंखें बंद कर सामने की ओर मन को एकाग्र कीजिए। अंधेरा या प्रकाश जो भी दिखे उसे देखते रहिए। बच्चा ये सभी व्यायाम करे, इसके लिए आपको भी उसका नियमित रूप से साथ देना होगा।
जल्दी सोएं, जल्दी उठें
अपनी स्मरण शक्ति को बढ़ाने के लिए बच्चों को सुबह जल्दी सो कर उठाइए। रात में 9 या 10 बजे तक सुला दीजिए। दिन में सोना कम करवा दीजिए। एक घंटे प्रतिदिन कोई एक अपनी रुचि का खेल खेलने दीजिए। बच्चा शारीरिक रूप से सक्रिय रहेगा तो मानसिक रूप से भी मजबूत बनेगा
पोषण का उपहार
- सुबह नाश्ते में बच्चे को अंकुरित अनाज, मूंग, चना तथा मौसमी फल दें। पांच बादाम तथा पांच मुनक्के रात को पानी में भिगो दीजिए और सुबह उन्हें बच्चों को खिलाएं। सुबह जंक फूड ना दें। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा तो पढ़ाई में भी मन लगेगा।
- परीक्षा के दिनों में बच्चों को भरपूर आयरन और प्रोटीन युक्त भोजन की जरूरत होती है। बच्चों को वसायुक्त, तला-भुना और भारी खाना देने से बचें। ऐसे खाने से बच्चे को ऊर्जा तो मिलेगी नहीं, लेकिन वह सुस्त जरूर हो जाएगा। थोड़ी-थोड़ी देर में उसे कुछ न कुछ खाने के लिए देती रहें।
- बच्चे को पानी और जूस भी लगातार देती रहें। जूस में नमक मिलाकर दें, ताकि बच्चे के शरीर में पानी की कमी न होने पाए। जितना हो सके उसे तरल पदार्थ और पोषणयुक्त पदार्थ दें।
- डॉंक्टरों का कहना है कि स्वास्थ्य और संतुलित आहार से दिमाग तो तेज होता ही है, साथ ही उससे फिटनेस भी बेहतर होती है।
- बच्चे को नियमित रूप से दूध या दूध से बना कोई ड्रिंक पीने के लिए दें।







