लखनऊ, 30 अप्रैल। छात्र हित की बात करने वाले दलित शोध छात्र बसंत कनौजिया पर बीती 28 अप्रैल की रात सुनियोजित ढंग से हमला हुआ। चार अज्ञात हमलावरों ने उनकी साइकिल रोक कर उनपर जानलेवा हमला किया, जिसमे वो बाल -बाल बच गए। हमलावर उन्हें धमकी देते हुए भाग निकले। बसंत ने इस हमले की सूचना फिलहाल आशियाना पुलिस चौकी को दे दी है।
बताया जाता है कि श्री कनौजिया 28 अप्रैल की रात मानक नगर से एक समारोह को अटेंट करके लौट कर अपने दोस्त के यहाँ विवि के गेट नंबर 2 से जा रहे थे कि तभी अचानक 3-4 हमलावर ने उन्हें घेर कर साइकिल से गिरा दिया और लात घूसों से पीटा। श्री कनौजिया के अनुसार हमलावरों ने अपने मुँह को गमछे से ढक रखे थे। इसके अलावा हमलावरों ने उन्हें धमकी भी दी कि ‘अगली बार जान से जायेगा तू’!
बसन्त विरोधियों के निशाने पर क्यों ?
कहा जाता है कि इतिहास के शोधार्थी बसंत कनौजिया विवि के अंदर हो रही कई सारी अनियमितताएं, भ्रष्टाचार, एससी/ एसटी छात्रों के शोषण के खिलाफ लगातार आवाज उठाते रहे हैं। जिसमें अभी हाल में विवि प्रशासन ने बाबासाहेब अम्बेडकर जी की प्रतिमा को ग्रिल या जेल में कैद कर दिया था। 14 अप्रैल को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी जी का प्रोग्राम था। तब 13 अप्रैल को बंसत ने विवि प्रशासन के सामने छात्रों सहित धरने पर बैठ कर बाबा साहब को मुक्त कराने के लिए प्रयास किया जिससे वह लोगों के निशाने पर आये?
कहा तो यह भी जा रहा हैं कि विवाद करने वाले छात्र आपस के ही थे, लेकिन इस शक की संभावना से इंकार भी नही जा सकता है। क्योंकि एक साल पहले भी विवि के सक्रिय छात्र श्रेयात बौद्ध के ऊपर भी ऐसे कातिलाना हमला हुआ था। जिसमें अपने ही कुछ छात्रों ने मुखबिरी की थी।







