लखनऊ-13 अप्रैल 2018: जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि जांच समिति की रिपोर्ट के अनुसार 20 से अधिक संस्थानो को प्रकाश में आई अनियमितता के सम्बंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। साथ ही 165 ऐसे संस्थानों को चिन्हित किया गया जहां मानको से ज्यादा शुल्क की प्रतिपूर्ति की गई। अगर वह संस्थान 2 सप्ताह में शुल्क की वापसी नही करेँगे तो अगले सत्र में उनको प्रतिपूर्ति शुल्क नही दिया जाएगा। प्रतिपूर्ति शुल्क वापस न करने वाले संस्थानों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करायी जायेगी।
जिलाधिकारी आज कलेक्ट्रेट स्थित डा. एपीजे अब्दुल कलाम सभागार में दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवम शुल्क प्रति पूर्ती स्वीकृति समिति की बैठक अध्यक्षता कर रहे थे। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बैठक में बताया कि सत्र 2017-18 में 61 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओ को शुल्क प्रतिपूर्ति के सहित छात्रवृत्ति प्रदान की गई। 50 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले लोगों को केवल छात्रवृत्ति प्रदान की गई।
पूर्व दशम छात्रवृत्ति के सम्बंध में अनुसूचित जाति के 2175, सामान्य जाति के 243, पिछड़ी जाति के 2161, अल्पसंख्यक के 737 छात्र छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की गई। वही दशमोत्तर छात्रवृत्ति के संबंध में अनुसूचित जाति के 29759, अनुसूचित जनजाति के 196, सामान्य जाति के 17050, पिछड़ी जाति के 34363, अल्पसंख्यक के 1147 छात्र छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की गई, और साथ ही यह जानकारी भी दी गई के 1 जुलाई से नये सत्र की छात्रवृत्ति के आवेदन के कार्य आरम्भ हो जाएगा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रशान्त शर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी केएस मिश्र, जिला अल्प संख्यक कल्याण अधिकारी, बालेन्दु द्विवेदी, पिछडा वर्ग कल्याण अधिकारी सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।







