सीबीएसई पेपर लीक मामले में पुलिस का दावा
नई दिल्ली, 10 अप्रैल। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के 12वीं के इकोनॉमिक्स के पेपर लीक मामले में लगातार खुलासे हो रहे हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी राकेश कुमार ने बच्चों की मदद के लिए पेपर लीक किया था। वहीं अब राकेश की एक नजदीकी रिश्तेदार पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।
सूत्रों के मुताबिक स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम कभी भी इस महिला को गिरफ्तार कर सकती है। आरोपी राकेश कुमार को स्कूल के क्लर्क अमित शर्मा और चपरासी अशोक कुमार के साथ हिमाचल प्रदेश के गुना से गिरफ्तार किया गया था, जहां वह डीएवी पब्लिक स्कूल में इकोनॉमिक्स और कॉमर्स विषय पढ़ाता है। वह वहां नवोदय विद्यालय में चल रही परीक्षा का सुपरिंटेंडेंट भी था। दिल्ली पुलिस के मुताबिक राकेश कुमार ने अपने ही स्कूल की एक छात्रा को लीक किए गए पेपर को हाथ से लिखने को कहा था। बाद में हाथ से लिखे गए पेपर को वॉट्सएप के जरिए अपनी एक रिश्तेदार को पंजाब के फिरोजपुर भेजा। फिरोजपुर से लीक किया गया पेपर हरियाणा के पंचकूला पहुंचा, जहां फिरोजपुर की महिला के रिश्तेदार का बेटा 12वीं का छात्र था और इकोनॉमिक्स का पेपर दे रहा था।
पंचकूला से निकलकर लीक किया गया पेपर 40 अलग-अलग वॉट्सग्रुप के जरिए दिल्ली भी पहुंचा। राकेश कुमार पढ़ाई में कमजोर अपने कुछ छात्रों की मदद करना चाहता था, जिसके चलते उसने इकोनॉमिक्स का पेपर लीक करवाया। हालांकि दिल्ली पुलिस द्वारा की गई पूछताछ के दौरान पता चला कि राकेश कुमार ने पेपर लीक करने के लिए किसी से कोई पैसा नहीं लिया है।
बता दें कि सीबीएसई ने पेपर लीक के चलते 12वीं इकोनॉमिक्स और 10वीं गणित का पेपर रद्द कर दिया था। इसके बाद 12वीं इकोनॉमिक्स का पेपर 25 अप्रैल को वापस करवाने का फैसला किया है। वहीं 10वीं का गणित का पेपर दोबारा नहीं करवाया जाएगा।







