Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Tuesday, June 23
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»Featured

    मूस अउर नेउर

    By August 27, 2019Updated:August 27, 2019 Featured 1 Comment8 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 1,156

    यक ठी रहा नेउर औ यक ठी रहा मूस। दुइनौ मा खुब तगड़ी दोस्ती रही। एक दिन दुइनौ देखेन कि यक ठी उरुद कै खेत रहा जौने मा छीमी खुब गुदरान रहै। मुसवा कहिस,
    “हे हो ! देखा तौ केस नीक कै छीमी गुदरान बा। चला छकि कै आज खाइ जाय।”

    बस दुइनौ जने हलि गय खेते मा औ नामू नामू खाय लागेन। जब पेट भरि गा तौ डेकरत की बहिरे निकरेन दुइनौ औ खुसी खुसी अपनी अपनी बिली क ओर चलेन। जब बिली मा हलै लागेन तो मुसऊ तौ हलि गय झट्ट धनी, मुला नेउरू गुदुरी खाय खाय यतना मोटाइ गै रहेन कि वनकै पेट अँटकि गै। सँसक सँसक बहुत कोसिस किहेसि, लेकिन हलि नाय पावा। फिर वहीं से गोहराइस अपने साथी का,
    ” हे मुसऊ !

    अरे मुसऊ हया हो !
    देखा तौ हम अटकि गा हयी”

    मुसवा आइ कै देखिस तौ माथ घूमि गै ओकर। फिर ओका एक उपाय सूझा। कहिस कि,
    “हे नेउर भाय, गुदुरी खाय खाय तोहार पेट बहुत फूलि गै बा। तू बढ़ई क लगे जाइ कै रिंचा आपन पेट छोलवाय ल्या। फिरु सब ठीक होइ जाये।”

    बस फिर क भै कि नेउरा बढ़ई के लगे पहुँचि गै। बढ़ई से कहिस –

    बड्ढे बड्ढे ऊदर छोल,
    उदरा न बिल समाय,
    गुदुरी बहुत खायों,
    खाये बिना रहि न जाय,
    पेट फूले जिव जाय !

    बढ़यवा कहिस, “भाग इहाँ से.. तोरी खातिर हम आपन बसुला खराब करी !”
    नेउरा का बहुत गुस्सा आय। गुस्सा गुस्सा मा ऊ राजा के लगे पहुँचि गै ओकर ओरहन लइ के। कहिस कि यै बढ़ई का डण्ड द्या। कहै लाग –

    राजा राजा बड्ढे डाँड़
    बड्ढे न ऊदर छोलै,
    उदरा न बिल समाय,
    गुदुरी बहुत खायों,
    खाये बिना रहि न जाय,
    पेट फूले जिव जाय !

    राजा कहेन, ” जै भाग इहाँ से.. तोरी खातिर हम अपने बढ़ई का डंड देब !”
    नेउरा का बहुत गुस्सा आय। गुस्सा गुस्सा मा ऊ रानी के लगे पहुँचि गै, राजा कै सिकाइत लइ के। कहिस कि राजा बढ़ई क डंड नाय देत हयेन, तू यहि राजा छोड़ि द्या। कइसे कहत बा –

    रानी रानी राजा छोड़
    रजवा न बड्ढे डाँड़ै
    बड्ढे न ऊदर छोलै,
    उदरा न बिल समाय,
    गुदुरी बहुत खायों,
    खाये बिना रहि न जाय,
    पेट फूले जिव जाय !

    रानी कहीं, ” जै भाग इहाँ से.. तोहरी अस येउर नेउर खातिर हम अपने राजा क छोड़ देयी !”
    नेउरा का बहुत गुस्सा आय। गुस्सा गुस्सा मा ऊ फेटारे के लगे पहुँचि गै, मतलब साँपे क लगे रानी कै ओरहन लइ के पहुँचि गा। कहिस कि रानी राजा का छोड़त नाय हयीं, तू वनका डसि ल्या। कहत बा –

    कीरा कीरा रानी डस,
    रनिया न राजा छोड़ै,
    रजवा न बड्ढे डाँड़ै,
    बड्ढे न ऊदर छोलै,
    उदरा न बिल समाय,
    गुदुरी बहुत खायों,
    खाये बिना रहि न जाय,
    पेट फूले जिव जाय !

    सँपवा कहिस, ” जै भाग इहाँ से.. तोहरी अस येउर नेउर खातिर हम रानी क डस लेयी !”
    नेउरा का फिरु बहुत गुस्सा आय। गुस्सा गुस्सा मा आपन उहै जिद्द लइ कै ऊ लाठी के लगे गै, साँपै क सिकाइत करे ताईं। कहिस कि देखा तो तनी, अस अस बात होइगा। ऊ जवन साँप-कीरा बा, रानी का डसतै नाय बा। तू चला वहि साँपे क काम तमाम कइ द्या। कहत बा –

    लाठी लाठी कीरा मार,
    किरवा न रानी डसै,
    रनिया न राजा छोड़ै,
    रजवा न बड्ढे डाँड़ै,
    बड्ढे न ऊदर छोलै,
    उदरा न बिल समाय,
    गुदुरी बहुत खायों,
    खाये बिना रहि न जाय,
    पेट फूले जिव जाय !

    लठिया कहिस, ” जै भाग इहाँ से.. तोहरी अस पिद्दी नेउर खातिर हम साँपे क जिव लइ लेयी !”
    नेउरा फिरु भुनभुनात की उहाँ से भाग। जाइ कै भारे के लगे पहुँचा। देखिस कि बम बम कइ के भार खुब धुधुआय कै बरत रहै। कहिस कि देखा तो तनी, अस अस बात होइगा। हम लाठी से कहे कि सँपवा क मन बहुत बढ़ि गा है, तू ओका खतम कइ द्या मुला ऊ हम्मै डाँटि कै भगाय दिहिस। अब हम तोहरे लगे आय हयी। चला लाठी का जराय डारा। कहै लाग –

    भार भार लाठी जार,
    लाठिया न कीरा मारै,
    किरवा न रानी डसै,
    रनिया न राजा छोड़ै,
    रजवा न बड्ढे डाँड़ै,
    बड्ढे न ऊदर छोलै,
    उदरा न बिल समाय,
    गुदुरी बहुत खायों,
    खाये बिना रहि न जाय,
    पेट फूले जिव जाय !

    भरवा कहिस, ” जै भाग इहाँ से.. तोहार नेउर कै जात ! हम चना चबैना भूजी थै कि लाठी भूजी थै ! तोहरी खातिर हम चली अब लाठी गोजी भूजै !”
    नेउरा फिरु भुरुकुसान की भागा वहिं से। हाय हाय करत हाथी के लगे पहुँचा। हथिया ताले मा हलि कै खुब छपाक छपाक नहात रहै। नेउरू ध्यान से देखत हयें ओका। देखा तौ केस अपने सूड़े मा पानी लइ कै फुहारा मारत बा ! जब हाथी नहाय कै निमका तौ नेउरू आपन दुख ओकरे आगे कहै लागेन नोन मिर्च लगाय लगाय कै। कहिस कि अब हम तोहरे लगे आय हयी। चला अब ओका बुताय डारा जवन अस बरत बा भभक भभक कै। हथिया से कहै लाग –

    हाथी हाथी भार बुताव,
    भरवा न लाठी जारै,
    लाठिया न कीरा मारै,
    किरवा न रानी डसै,
    रनिया न राजा छोड़ै,
    रजवा न बड्ढे डाँड़ै,
    बड्ढे न ऊदर छोलै,
    उदरा न बिल समाय,
    गुदुरी बहुत खायों,
    खाये बिना रहि न जाय,
    पेट फूले जिव जाय !

    हथियौ गुस्साय गै नेउरा कै बात सुनि कै। कहिस, “जै दफा होइ जा इहाँ से.. तोहारी अस नेउर मेउर ताईं हम चली भार बुतावै ! अउर काम नाय बा हमका !”

    नेउरा वहूं से भाग। गुस्सान गुस्सान बँवरि के लगे पहुँचा। देखेन कि एक मोट कै पेड़े में बँवरि लपेटि कै अस बान्हि दिहे रही पेड़े का कि पेड़ यक्कौ अंगुर जुमुस न खाय सकै ! नेउरा कहै लाग बँवरी से कि यसस बात होइ गा बा। हमार केव मदत नाय करत बा। अब हम तोहरे लगे आय हयी। चला अब हथिया का मजा चिखावा जवन ऊ हमार नाय सुनत बा। बँवरिया से कहै लाग –

    बँवरि बँवरि हाथी छान,
    हाथिया न भार बुतावै,
    भरवा न लाठी जारै,
    लाठिया न कीरा मारै,
    किरवा न रानी डसै,
    रनिया न राजा छोड़ै,
    रजवा न बड्ढे डाँड़ै,
    बड्ढे न ऊदर छोलै,
    उदरा न बिल समाय,
    गुदुरी बहुत खायों,
    खाये बिना रहि न जाय,
    पेट फूले जिव जाय !

    बँवरिया कहिस, ” जै भाग इहाँ से.. कवनो रिश्तेदारी बा हमार तुंहसे। भला काहे का हम हथिया बेचारी का छानी ! तोहरी खातिर हम चली अब हाथी से दुश्मनी मोल लेयी !”

    नेउरा फिरु बरबरात की भागा वहिं से। जाइ कै हँसुआ के लगे पहुँचा। हँसुआ कै खुब चोख चोख दाँती बहुत खतरनाक लागत रहै। हँसुआ से रोय रोय कै कहै लाग –

    हँसुआ हँसुआ बाँवरि काट,
    बँवरिया न हाथी छानै,
    हाथिया न भार बुतावै,
    भरवा न लाठी जारै,
    लाठिया न कीरा मारै,
    किरवा न रानी डसै,
    रनिया न राजा छोड़ै,
    रजवा न बड्ढे डाँड़ै,
    बड्ढे न ऊदर छोलै,
    उदरा न बिल समाय,
    गुदुरी बहुत खायों,
    खाये बिना रहि न जाय,
    पेट फूले जिव जाय !

    हँसुआ का बहुत दरेग लागि गा नेउरा पै। कहिस, ” चल, देखी थै कवन बँवरि होय जवन यतनी गुमानी बा कि तोर गरीब कै दुख दरद नाय देखात बा ओका।”

    वहर बँवरिया जब देखिस कि नेउरा हँसुआ लै कै ओका काटै आवत बा तौ डर के मारे काँपै लाग। कहै लाग –

    हमका कटौ वटौ मत कोय,
    हम तो हाथी छनबै लोय।

    तब हथियो डेराइ गै अपने जिव का। वहू का अपने जान पे परी तौ हथियार डारि दिहिस। कहै लाग –

    हमका छनौ वनौ मत कोय,
    हम तो भार बुतइबै लोय।

    अब भरवौ कै सिट्टी पिट्टी गुम होइ गा। उहौ लाठी जारै ताईं तैयार होइ गा। कहै लाग –

    हमका बुतौ उतौ मत कोय,
    हम तो लाठी जारब लोय।

    लठिया कहै लाग –

    हमका जरौ वरौ मत कोय,
    हम तो कीरा मरबै लोय।

    वहर जब सँपवा क पता लाग कि लठिया मारै ताईं आवत बा तौ उहौ अपने कहे से पल्टि गा। कहै लाग –

    हमका मरौ वरौ मत कोय,
    हम तो रानी डसबै लोय।

    रानी सुनीं तौ ओनहूं पल्टी मारि गयीं। जिव जिनगी बनी रहे तौ अउर अउर राजा राजकुमार मिलिहैं। कहै लागीं –

    हमका डसौ वसौ मत कोय,
    हम तो राजा छोड़बै लोय।

    राजा कहेन, एक अदना बढ़ई ताईं हम यतनी नीक रानी से महरूम होइ जाब, येसे तौ अच्छा बा कि बढ़इवा का डंड दै देयी। राजा कहेन –

    हमका छोड़ौ वोड़ौ मत कोय,
    हम तो बड्ढे डाँड़ब लोय।

    बढ़इवौ डेराइ गा। कहिस कि कवनो बात नाय बा, हम बिना पइसा, बिना दाम कै हम नेवरू क पेट छोल देब। कहै लाग –

    हमका डँड़ौ वड़ौ मत कोय,
    हम तो ऊदर छोलबै लोय।

    बस फिर का भै कि बढ़ई उठाइस बसुला औ पेटे पर कै एक पर्त धइ कै छोल दिहिस। जब घाव पिराय लाग तो बढ़यवा से पूछिस कि ‘अब एकर दवाई बतावा। कइसै ठीक होये?’ बढ़यवा तौ पहिलेन से खार खाये बइठा रहा। सोचिस कि ई यतना बवाली नेउर बा, एका अस दवाई बताई थै कि दुबारा लउटि कै न आवै। कहिस कि ‘जा नेउर भाय वही सरपते मा लोटि ल्या, सब ठीक होइ जाये।’

    फिर जाइ कै ऊ सरपते मा लोटै लाग। एक बुढ़िया देखत रही। ओकरे कुछ समझ मा ना आय। ओसी पूछै लाग, “हे ई नेउरा काहे लोटत बा!”
    नेउरा कहेसि, “चुप बुढ़िया, हम दवाई करत हयी।”
    बुढ़िया माई समझि गयीं कुल माजरा। कहीं कि, “फिर इहाँ सरपतवा मा काहे लोटत हया। जाइ कै वही चनवा के लोनिया मा लोटि ल्या।”

    बस फिर का भै कि नेउरू जाइ कै चना के लोनी मा लोटै लागेन। मारे कुल्लै चना कै लोनी लागि गै देही भर मा औ ऊ वहीं लोटि लोटि कै मरि गा।

    ।।राज लउटा – पाट लउटा।।

    संकलन: अरुण कु तिवारी

    Keep Reading

    Shared heritage gave the country 'Amrit' (nectar), while extremism is spreading 'poison'!

    साझी विरासत ने देश को दिया ‘अमृत’ तो कट्टरपंथ दे रहा ‘ज़हर!’

    Idli. For just one rupee—not a bad deal!

    इडली. सिर्फ एक रुपए में, सौदा बुरा नहीं !

    पीओके में भीतरी बगावत बनी पाकिस्तान के लिए सबसे गंभीर चुनौती

    Trump's Stern Message to Iran: 'A Very Good Deal' or 'The Other Path'

    पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के संकेत

    Minors turning violent, and childhood losing its innocence: Who, ultimately, is to blame?

    बेटियों के साथ दरिंदगी को लेकर कैसे जी रहा है ये सभ्य समाज!

    When the temple became the means... and propriety fell silent...!

    जब मंदिर बना ज़रिया… और मौन हुई मर्यादा…!

    1 Comment

    1. pin on August 27, 2019 7:07 pm

      Ι enjoy, lead to I found juѕt what I was having a look for.

      Y᧐u have ended my 4 day lengthy һunt! God Bless үou man. Havee a greɑt day.

      Bye

      Reply
    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Rakesh Roshan's 'Kaho Naa... Pyaar Hai' secrets

    राकेश रोशन का ‘कहो ना प्यार है’ सीक्रेट: दो एंडिंग्स, जहाज पर सी-सिकनेस और वोदका वाला किस्सा!

    June 22, 2026
    Major online shopping scam: Ordered a phone, but the delivery boy handed over a phone box filled with soap!

    ऑनलाइन शॉपिंग का बड़ा धोखा: फोन मंगवाया, डिलीवरी बॉय ने थमा दिया साबुन से भरा फोन का डिब्बा !

    June 22, 2026
    The Unsung Heroine of the 1857 Revolution: Begum Hazrat Mahal

    1857 की क्रांति की अनसुनी वीरांगना: बेगम हज़रत महल

    June 22, 2026
    WPU Goa Shows the Way Forward in the Age of AI

    एआई के युग में डब्लूपीयू गोवा का अनोखा ‘ट्रांसडिसिप्लिनरी’ मॉडल

    June 22, 2026
    पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद BJP में शामिल हो सकते हैं VFS कैपिटल के MD कुलदीप माइती

    पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद BJP में शामिल हो सकते हैं VFS कैपिटल के MD कुलदीप माइती

    June 22, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading